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May 14, 2026
हिमाचल : AMUL दूध हुआ मंहगा, बढ़ोतरी से लोग परेशान- आज से लागू हुई नई कीमतें
दूध के दाम आम आदमी की जेब पर पड़ेगा आसर
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शिमला। देशभर के उपभोक्ताओं को अब दूध के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी। देश की प्रमुख डेयरी कंपनी AMUL ने दूध के दाम में प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। कंपनी की ओर से कहा गया है कि पशु आहार, पैकेजिंग सामग्री और ईंधन की बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लेना पड़ा है।
दूध की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर आम उपभोक्ताओं की रसोई पर भी दिखाई देगा, क्योंकि दूध रोजमर्रा की जरूरत की सबसे अहम चीजों में शामिल है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत का सीधा बोझ किसानों और डेयरी उत्पादन पर न पड़े, इसलिए कीमतों में संशोधन किया गया है।
नई दरों के अनुसार,
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दूध उत्पादन और वितरण से जुड़ी लागत लगातार बढ़ रही है। पशुओं के चारे की कीमतों में इजाफा, पैकेजिंग फिल्म की बढ़ती लागत और ईंधन के महंगे होने का सीधा असर डेयरी उद्योग पर पड़ा है।
समिति के अनुसार कीमतों में यह बढ़ोतरी करीब 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक की है। कंपनी का कहना है कि इस फैसले से दुग्ध उत्पादकों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा और डेयरी सेक्टर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।
सहकारी समिति ने यह भी जानकारी दी कि सदस्य संघों द्वारा किसानों के खरीद मूल्य में 30 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी की गई है। यह मई 2025 के मुकाबले लगभग 3.7 प्रतिशत अधिक है। डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे दूध उत्पादक किसानों को कुछ राहत मिलेगी।
अमूल ने इससे पहले 1 मई, 2025 को भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। उस समय भी कंपनी ने उत्पादन लागत बढ़ने और किसानों को बेहतर भुगतान देने को इसकी मुख्य वजह बताया था। लगातार दूसरी बार हुई मूल्य वृद्धि से अब उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि दूध से बने अन्य उत्पादों की कीमतों में भी असर देखने को मिल सकता है।
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब देश और दुनिया पहले से ही महंगाई के दबाव से जूझ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
भारत में खुदरा महंगाई दर यानी CPI भी अप्रैल महीने में बढ़कर 3.48 प्रतिशत तक पहुंच गई। सब्जियों और खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से पहले ही आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित था, वहीं अब दूध महंगा होने से घरेलू खर्च पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उत्पादन लागत में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में डेयरी उत्पादों की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है।