शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून अब राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित होने लगा है। जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, कई सड़कें बाधित हो चुकी हैं और नदी-नाले उफान पर बह रहे हैं। ऐसे हालात के बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक बार फिर बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी कर दी है, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

पहाड़ दरक रहे, सड़कें हो रही बंद

लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूस्खलन की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़कें बंद होने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

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किन्नौर में भारी भूस्खलन, हाईवे पर आया मलबा

किन्नौर जिले में भी मानसून का असर खतरनाक रूप में देखने को मिला। जिले के रल्ली पटेल कंपनी क्षेत्र के लाल ढांक इलाके में पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर आ गिरा। देखते ही देखते मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात रुक गया।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर अचानक तेज आवाज के साथ नीचे गिरे, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने समय रहते लोगों को सतर्क कर दिया, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया।

उफान पर बह रहे नदी-नाले

लगातार बारिश के कारण प्रदेश की कई छोटी-बड़ी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास न जाने की सलाह दी है। कई स्थानों पर तेज बहाव के कारण खतरा बढ़ गया है और थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने विशेष रूप से पर्यटकों और बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों से अपील की है कि वे जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

 

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13 से 18 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले 18 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान पहाड़ों पर भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग की मानें तो कल यानी 13 जुलाई को प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को प्रदेश के चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में कहीं.कहीं मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और आंधी.तूफान के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

 

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प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी ढलानों, उफनते नालों और नदी किनारों से दूरी बनाए रखें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है।

 

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सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय

मानसून के इस दौर में प्रदेश के कई हिस्सों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भूस्खलन, सड़क बंद होने और बढ़ते जलस्तर की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सतर्कता और समय पर बरती गई सावधानी ही किसी भी बड़े हादसे को टालने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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