शिमला। हिमाचल प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद एक बार फिर मानसून के तेवर तीखे होने वाले हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में 11 सितंबर से मानसून के दोबारा सक्रिय होने का पूर्वानुमान जताया है। इसके बाद कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। ऐसे में पिछले कई दिनों से बारिश और भूस्खलन से जूझ रहे प्रदेश के लिए मौसम का यह बदलाव चिंता बढ़ाने वाला है।
हालांकि, 10 सितंबर तक अधिकांश इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कई क्षेत्रों में धूप खिलने से तापमान बढ़ेगा। यानी अगले दो दिन प्रदेश को बारिश से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इसके बाद मानसून फिर जोर पकड़ने के संकेत दे रहा है।
11 सितंबर से फिर बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर से मानसून के सक्रिय होने के बाद प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरोध की समस्या फिर गंभीर हो सकती है। प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने पहले से बंद पड़ी सड़कों को बहाल करने के साथ-साथ नए मौसम सिस्टम से निपटने की चुनौती भी रहेगी।
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दो दिन धूप, फिर बारिश का दौर
सोमवार को हिमाचल के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। दिनभर धूप निकलने से मैदानी जिलों में गर्मी और उमस बढ़ गई। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के मैदानी क्षेत्रों में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। हालांकि शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और शिमला सहित सोलन व प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में बारिश हुई।
85 सड़कें अभी भी बंद
मानसून की बारिश से प्रदेश में सड़क नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 7 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 85 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 59 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर और छह पेयजल योजनाएं भी प्रभावित बताई गई हैं। कई जगहों पर भूस्खलन, मलबा और बारिश के कारण सड़कें बाधित हुई हैं। संबंधित विभाग बंद मार्गों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
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किन्नौर में सड़क और बिजली व्यवस्था पर असर
किन्नौर में भी बारिश के कारण सात सड़कें बंद हैं। कल्पा क्षेत्र में सात बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। पुरवानी, काशंग इंटेक साइट और तेलंगी को प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। शिमला में रामपुर और सुन्नी उपमंडल की एक-एक सड़क बंद है। यहां दो ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।
चंबा से लेकर लाहौल-स्पीति तक असर
चंबा में एक पेयजल योजना प्रभावित हुई है। लाहौल-स्पीति के उदयपुर क्षेत्र में भी एक सड़क बंद बताई गई है। इसके अलावा सोलन के कसौली उपमंडल में एक और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं। बारिश थमने के बावजूद कई स्थानों पर पहले हुई बारिश से हुए नुकसान का असर अभी तक बना हुआ है।
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मानसून में 110 लोगों की मौत, सड़क हादसों में 164 जानें गईं
प्रदेश में इस मानसून सीजन में आपदा ने भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार के संचयी नुकसान आंकड़ों के मुताबिक 30 जून से 6 सितंबर 2026 तक आपदा से 110 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, करंट लगने, पेड़ या चट्टान से गिरने सहित अलग-अलग कारणों से हुई मौतें शामिल हैं। इसके अलावा इसी अवधि में सड़क हादसों में 164 लोगों की जान गई है। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानसून ने प्रदेश में किस स्तर पर जनजीवन को प्रभावित किया है।
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अगले 48 घंटे राहत, उसके बाद बढ़ सकती है मुश्किल
फिलहाल 10 सितंबर तक मौसम के अपेक्षाकृत शांत रहने से राहत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। बंद सड़कों को खोलने और बिजली-पेयजल व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विभागों को कुछ समय मिल सकता है। लेकिन 11 सितंबर से मानसून के फिर सक्रिय होने का पूर्वानुमान इस राहत को ज्यादा लंबा नहीं रहने देगा। अगर बारिश का दौर तेज हुआ तो पहले से कमजोर पहाड़ी ढलानों और क्षतिग्रस्त सड़कों पर फिर खतरा बढ़ सकता है।
