शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी.तूफान, बारिश. बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण होने वाला है।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार कल यानी रविवार से प्रदेश भर में मौसम करवट लेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी आंधी तूफान चलेगा। विभाग के अनुसार रविवार को कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए आंधी.तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लाहौल.स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में निकली बंपर भर्ती, 30 हजार रुपए मासिक तक मिलेगा वेतन; यहां जानें पूरी डिटेल
20 मार्च तक जारी रह सकता है खराब मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर 20 मार्च तक जारी रह सकता है। 15 और 16 मार्च को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 मार्च को दोबारा मौसम ज्यादा सक्रिय हो सकता है और कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश या ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है।
तापमान में भी आएगी गिरावट
मौसम में इस बदलाव के बाद प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जबकि अधिकतम तापमान में भी 4 से 7 डिग्री तक कमी दर्ज होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : सड़क हा.दसे में बुझ गया एक घर का चिराग, मकान के पिल्लर से टकराई बाइक
फसलों को नुकसान की आशंका
आंधी और ओलावृष्टि के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि तेज ओलावृष्टि होती है तो मटर, फूलगोभी और स्टोन फ्रूट जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लंबे सूखे के बाद बदलेगा मौसम
प्रदेश में पिछले कुछ समय से बारिश और बर्फबारी बेहद कम हुई है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी में सामान्य से करीब 95 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि मार्च में अब तक सामान्य से लगभग 93 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। सिरमौर, सोलन, ऊना और हमीरपुर जैसे जिलों में तो मार्च के दौरान अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से लंबे समय से चला आ रहा सूखा दौर टूट सकता है।
यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट की चौखट पर सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, बिजली प्रोजेक्टों से भू-राजस्व मामले में मांगा जवाब
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की भी चेतावनी दी गई है। फिलहाल पूरे प्रदेश में लोगों की नजरें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का यह दौर जहां एक ओर राहत दे सकता है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचा सकता है।
