शिमला। हिमाचल प्रदेश में सत्ता संभाले सुक्खू सरकार को तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन शिक्षण संस्थानों को बंद और मर्ज करने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। पहले 19 कॉलेजों और एक हजार से अधिक स्कूलों को बंद या मर्ज किया गया और सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों ;आईटीआईद्ध पर भी ताला जड़ दिया है। शिमला जिले के दो आईटीआई को डी.नोटिफाई करने का फैसला इसी कड़ी का ताजा उदाहरण बनकर सामने आया है।
डोडरा-क्वार और देहा आईटीआई बंद
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला जिला के दो राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को डी.नोटिफाई कर दिया है। सरकार ने डोडरा-क्वार और देहा स्थित आईटीआई को औपचारिक रूप से गैर-अधिसूचित करने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद तकनीकी शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। इस फैसले के साथ ही इन संस्थानों में पूर्व में सृजित सभी पदों को भी समाप्त कर दिया गया है।
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नहीं हो रहा था छात्रों का नामांकन
सरकारी सूत्रों के अनुसार इन दोनों आईटीआई में लंबे समय से छात्रों का नामांकन नहीं हो रहा था। डोडरा.क्वार आईटीआई में 26 और देहा आईटीआई में 25 पद सृजित थेए लेकिन कक्षाएं खाली रहने के कारण संस्थानों की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे थे। विभाग ने इन संस्थानों में तैनात प्रशिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का तबादला पहले ही प्रदेश के अन्य आईटीआई में कर दिया है।
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तकनीकी शिक्षा विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया गया है। यदि डोडरा.क्वार या देहा क्षेत्र से कोई इच्छुक विद्यार्थी आईटीआई में प्रवेश के लिए आवेदन करता हैए तो उसे छात्रावास सुविधा से लैस अन्य राजकीय आईटीआई में प्रवेश के लिए प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।
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19 कॉलेजों 1372 स्कूलों पर लग चुका है ताला
हालांकि सरकार के इस फैसले को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। सुक्खू सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को बंद करने या मर्ज करने का क्रम जारी है। इससे पहले राज्य सरकार 19 कॉलेजों और 1372 विद्यालय को बंद या विलय कर चुकी है। अब आईटीआई को डी-नोटिफाई करने के फैसले ने ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा की पहुंच को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
