#हादसा
January 12, 2026
हिमाचल : चाय पीने गए ड्राइवर-कंडक्टर, खाई में लुढ़की स्टार्ट बस- महिला की मौ.त, बच्चे समेत 4 घायल
पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सुबह-सवेरे पेश आए निजी बस हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। शुरुआती जांच में पाया गया है कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही के कारण पेश आया है।
दरअसल, जिस वक्त हादसा पेश आया उस समय बस में ना तो कंडक्टर था और ना ही ड्राइवर। लोगों का कहना है कि ड्राइवर ने बस को गर्म करने के लिए स्टार्ट किया और खुद चाय पीने चले गए थे।
इसी दौरान बस अचानक वाइब्रेशन करते हुए अपने आप पीछे की तरफ चलने लगी और अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई है। बच्चे समेत 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई। पूरा इलाका सवारियों की चीखों से दहल उठा।
यह हादसा करसोग उपमंडल में चरखड़ी के पास आज सुबह करीब 8.30 बजे पेश आया है। ‘चेतन कोच’ नामक यह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई।
इस हादसे में 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। बस में सवार लोगों का कहना है कि ड्राइवर बस को गर्म करने के लिए स्टार्ट करके खुद चाय पीने चला गया था। इसी दौरान बस अचानक वाइब्रेशन करते हुए अपने आप पीछे की तरफ चलने लगी और अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त बस में ज्यादा सवारियां नहीं थीं। यदि बस पूरी तरह भरी होती तो यह हादसा बड़े जनहानि में तब्दील हो सकता था। जैसे ही दुर्घटना हुई, आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही प्रशासन और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई।
हादसे में घायल लोगों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत पांगणा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, बुजुर्ग महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
करसोग की यह दुर्घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश अभी सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए भीषण हादसे के सदमे से उबरा भी नहीं है। हरिपुरधार में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 14 लोगों की जान चली गई, जबकि 61 घायल हुए हैं। हादसे ने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया है। अब मंडी में सामने आए इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की पहाड़ी सड़कों पर सफर लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है।
लगातार हो रहे इन हादसों ने प्रशासन और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिपुरधार जैसे बड़े हादसे के बाद भी यदि सड़क सुरक्षा, वाहन जांच और ड्राइवरों की निगरानी में कोई ठोस सुधार नहीं होता, तो आने वाले दिनों में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। हिमाचल की पहाड़ी सड़कों पर सफर कर रहे लोगों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।