शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी अब खतरनाक रूप लेती जा रही है और इसका असर लोगों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। मैदानी इलाकों में लोगों को तेज हीटवेव का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण हीट क्रैम्प्स, थकावट और लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी बचाव उपाय अपनाने की अपील की है।
सेहत पर हो सकता है सिधा असर
भीषण गर्मी ने अब लोगों की सेहत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के चलते हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक (लू) के मामले सामने आने लगे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
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शरीर में हो सकते हैं हीट क्रैम्प्स
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा गर्मी में काम करने या लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे शुरुआत में मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन यानी हीट क्रैम्प्स होते हैं। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो स्थिति और बिगड़कर हीट एग्जॉशन में बदल सकती है, जिसमें शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता।
हीट स्ट्रोक से करें बचाव
सबसे खतरनाक स्थिति हीट स्ट्रोक या लू लगना होती है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (104°F) से ऊपर पहुंच जाता है। यह एक जानलेवा स्थिति है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर नुकसान हो सकता है।
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गर्मी के प्रमुख प्रभाव
- हीट क्रैम्प्स: ज्यादा पसीना आने के बाद मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन
- हीट एग्जॉशन: शरीर में पानी और नमक की कमी से कमजोरी, चक्कर और थकावट
- हीट स्ट्रोक (लू): शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाना, बेहोशी तक की स्थिति
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- तेज बुखार (40°C या उससे ज्यादा)
- चक्कर, उल्टी या सिरदर्द
- तेज सांस और धड़कन
- त्वचा का लाल या सूखा हो जाना
- भ्रम, चिड़चिड़ापन या बेहोशी
- डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं।
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बचाव के आसान उपाय
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, प्यास न लगे तब भी
- हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
- धूप में निकलते समय टोपी, छाता या चश्मे का इस्तेमाल करें
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें
क्या न करें
- ज्यादा गर्मी में भारी काम या एक्सरसाइज से बचें
- गहरे और तंग कपड़े न पहनें
- खाली खड़ी गाड़ी में बच्चों या जानवरों को न छोड़ें
- ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन न करें
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लू (हीट स्ट्रोक) लगने पर क्या करें ?
- तुरंत व्यक्ति को छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं
- अतिरिक्त कपड़े हटाएं और शरीर को ठंडा करें
- ठंडा पानी या तरल पदार्थ दें (अगर व्यक्ति होश में हो)
- गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाएं
- डॉक्टरों का कहना है कि लू (हीट स्ट्रोक) से बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इस भीषण गर्मी में खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
