शिमला। खरीफ सीजन शुरू होने से पहले हिमाचल सरकार ने प्रदेश के धान उत्पादकों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। इस बार किसानों को अपनी फसल बेचने पर पहले से अधिक दाम मिलेंगे। इसके साथ ही सरकार ने खरीद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए भुगतान से लेकर खरीद केंद्रों तक की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।
धान का MSP बढ़ा
दरअसल, खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब किसानों को प्रति क्विंटल धान के बदले 2,461 रुपये का समर्थन मूल्य मिलेगा।
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सरकार का कहना है कि खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों के बैंक खातों में अधिकतम 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन भुगतान कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी मेहनत की राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
28,600 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने आगामी खरीद सीजन के लिए 28,600 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है। इसी को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की गई, जिसमें खरीद केंद्रों की व्यवस्था, किसानों के पंजीकरण, परिवहन, भंडारण और भुगतान प्रणाली जैसे सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों का उद्देश्य है कि इस बार खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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इन चार जिलों में होगी सरकारी खरीद
सरकारी खरीद व्यवस्था इस बार भी प्रदेश के प्रमुख धान उत्पादक जिलों तक सीमित रहेगी। कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर में कुल 11 अधिकृत खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन मंडियों में अक्टूबर के पहले सप्ताह से धान खरीद शुरू किए जाने की योजना है।
अधिकृत मंडियों में ही बेचें उपज
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल केवल सरकार द्वारा अधिकृत खरीद केंद्रों पर ही बेचें। ऐसा करने पर उन्हें घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिलेगा और भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में ऑनलाइन भेजा जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पूरी खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
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समय पर भुगतान पर रहेगा सरकार का फोकस
सरकार का दावा है कि इस वर्ष भी किसानों को फसल बेचने के बाद भुगतान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल भुगतान व्यवस्था के माध्यम से राशि 48 घंटे के भीतर सीधे खातों में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग ने तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
