शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। बुधवार शाम शिमला में भी तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई जगह नदी-नाले उफान पर हैं और भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक बुधवार शाम तक प्रदेश में 117 सड़कें बंद थीं। 141 बिजली ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे थे, जबकि 51 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई थीं। सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में पड़ा है, जहां 47 सड़कें बंद हैं।
नैना देवी में सबसे ज्यादा 190 मिलीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश बिलासपुर के नैना देवी में 190 मिलीमीटर दर्ज की गई। बिलासपुर के मलरौन में 140 मिलीमीटर, सोलन के कसौली में 102 मिलीमीटर, बिलासपुर के घाघस में 99 मिलीमीटर, कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में 98.2 मिलीमीटर, बिलासपुर के ब्रह्माणी में 90.4 मिलीमीटर, मंडी के सलापड़ में 81.2 मिलीमीटर और बिलासपुर के काहू में 77.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
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बारिश से कई जिलों में सड़कें बंद
लगातार बारिश का असर प्रदेश की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। मंडी में सबसे ज्यादा 47 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा शिमला में 30, कुल्लू में 22, कांगड़ा में सात, जबकि सिरमौर और ऊना में चार-चार सड़कें बंद हैं। भूस्खलन और खराब मौसम के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
बिजली के ट्रांसफार्मर बंद, कई इलाकों में बिजली प्रभावित
बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। शिमला जिले के रामपुर में 82 और चौपाल में दो बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। वहीं कुल्लू के आनी और निरमंड में 12 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इससे कई इलाकों में बिजली सप्लाई पर असर पड़ा है।
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51 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित
बारिश और भूस्खलन का असर पेयजल योजनाओं पर भी पड़ा है। हमीरपुर में 23, शिमला में 17 और बिलासपुर में 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इससे कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
3 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 3 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि 4 से 8 सितंबर तक कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं है। फिर भी प्रदेश में बारिश पूरी तरह रुकने वाली नहीं है। 4 और 5 सितंबर को कई जगह बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 8 सितंबर के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। यानी इन दिनों कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद भी नहीं है।
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कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर भी बारिश का असर
बारिश का असर कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर भी पड़ा है। सोलन जिले में एक पुल के नीचे मिट्टी धंसने के बाद इस रेल मार्ग पर पिछले तीन दिनों से ट्रेन सेवा बंद है। रेलवे ने 13 सितंबर तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। बुधवार को भी इस रूट पर कोई ट्रेन नहीं चली।
मानसून में अब तक 261 लोगों की मौत, 3 अभी भी लापता
इस मानसून सीजन में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने प्रदेश में भारी नुकसान किया है। अब तक 261 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 471 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 154 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। वहीं 107 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी दूसरी घटनाओं में गई है।
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461 मवेशियों की भी मौत, सैकड़ों घरों को नुकसान
बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में 461 मवेशियों की भी मौत हुई है। अब तक 112 मकान पूरी तरह टूट चुके हैं, जबकि 463 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 415 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं।
हिमाचल को अब तक करीब 1,202 करोड़ रुपये का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को अब तक करीब 1,202 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इसमें सबसे बड़ा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। पीडब्ल्यूडी को करीब 914 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
