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September 2, 2026

हिमाचल : सरकारी कागजों से छेड़छाड़ करना पड़ा भारी, पूर्व तहसीलदार-पटवारी समेत 6 लोगों पर FIR

कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR

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himachal Bilaspur News

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में सरकारी जमीन से जुड़े एक मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। झंडूता पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद पूर्व तहसीलदार और पटवारी समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इन लोगों को बनाया गया आरोपी

इस मामले में गांव खेड़ी के रहने वाले तीन लोगों के अलावा वर्ष 2016-17 के तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन रिकॉर्ड कीपर और वर्ष 2021 में जेजवीं पटवार हलके में तैनात रहे पटवारी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

 

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2008 में सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत

शिकायतकर्ता धनी राम, निवासी गांव खेड़ी, के मुताबिक उनके दिवंगत भाई ने 9 सितंबर 2008 को बिलासपुर के उपायुक्त के पास शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव खेड़ी में खसरा नंबर 146/98 की करीब 1 बीघा 10 बिस्वा सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है।

जांच के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई

शिकायत के बाद पटवारी और कानूनगो मौके पर पहुंचे और जमीन की जांच की। जांच में वहां कब्जा पाया गया, जिसे चिन्हित कर लिया गया। इसके बाद कब्जा हटाने के लिए मिसल नंबर 31/13 तैयार की गई और कार्रवाई शुरू कर दी गई।

 

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पुरानी फाइल ही कर दी गायब 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में शामिल एक व्यक्ति जेजवीं पटवार हलके का लंबरदार भी है। आरोप है कि उसने तत्कालीन तहसीलदार और रिकॉर्ड कीपर के साथ मिलकर तहसील कार्यालय से मिसल नंबर 31/13 की असली फाइल गायब करवा दी या उसे नष्ट कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब भी वह फाइल के बारे में पूछने जाता था, तो उसे फाइल नहीं मिलने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता था।

नई फाइल में कम दिखाया गया कब्जा

काफी समय तक कार्रवाई नहीं होने के बाद धनी राम ने साल 2019 में दोबारा उपायुक्त के सामने मामला उठाया। आरोप है कि इसके बाद 13 अगस्त 2021 को एक नई मिसल नंबर 19/21 तैयार की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार इस नई फाइल में आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए पहले बताए गए 1 बीघा 10 बिस्वा के कब्जे को घटाकर सिर्फ 10 बिस्वा दिखा दिया गया।

 

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शिकायतकर्ता का दावा- कब्जा 2 बीघा से ज्यादा

धनी राम का दावा है कि सरकारी जमीन पर असल में 2 बीघा से ज्यादा जमीन पर कब्जा किया गया है। उनका आरोप है कि इस बारे में अधिकारियों और पुलिस को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR

जब शिकायतकर्ता को अधिकारियों से कोई राहत नहीं मिली तो उसने झंडूता की अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद 31 अगस्त को जेएमआईसी झंडूता की अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

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तहसीलदार और पटवारी पर केस से मचा हड़कंप

पूर्व तहसीलदार और पटवारी समेत राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों पर मामला दर्ज होने के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब पुलिस इस बात की जांच करेगी कि सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में कथित तौर पर किस तरह गड़बड़ी की गई और इसमें किस-किस की भूमिका थी।

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