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August 28, 2026
हिमाचल में फिर कहर बरसा सकता है मानसून: 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी; कई जिलों में बढ़ेगा खतरा
मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बताया खतरा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून अब दोबारा सक्रिय होने की राह पर है और 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लगातार चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगेंगी, जबकि 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा भी बढ़ गया है।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत कमजोर थी। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहा। अब मौसम विभाग के अनुसार मानसून गतिविधियां दोबारा तेज होने की संभावना है। 31 अगस्त, 1 सितंबर, 2 सितंबर और 3 सितंबर को हिमाचल में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कांगड़ा और सिरमौर समेत कुछ जिलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कांगड़ा, सिरमौर, मंडी और सोलन में बारिश का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रह सकता है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्य हिमाचल में लगातार बारिश के कारण सबसे बड़ा खतरा भूस्खलन और अचानक बाढ़ का रहता है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों से मलबा सड़कों पर आने, नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान नदियों और स्थानीय नालों के आसपास जाने से बचने तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। भारी बारिश से सड़कें फिसलन भरी होने के कारण वाहन चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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मानसून के कहर के बीच प्रदेश में सड़क और बिजली व्यवस्था पहले से प्रभावित है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेशभर में करीब 70 सड़कें बंद थीं, जबकि लगभग 60 ट्रांसफार्मर और एक पेयजल योजना भी प्रभावित हुई थी। इनमें मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा सड़कें बाधित बताई गई थीं। ऐसे में अब दोबारा बारिश तेज होने की संभावना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
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मौसम विभाग के मुताबिक 28 और 29 अगस्त को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 30 अगस्त से बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। 31 अगस्त से बारिश और तेज हो सकती है और सितंबर की शुरुआत में भी इसका असर बना रहेगा। यानी हिमाचल में मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दे दिए हैं। कुछ दिनों की राहत के बाद अब मानसून दोबारा सक्रिय होने वाला है और अगले चार दिन प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
बारिश के दौरान नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और सड़क की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने को कहा गया है। प्रदेश में पहले ही मानसून के कारण कई स्थानों पर सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित हो चुकी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश किसी नई चुनौती से कम नहीं होगी।