शिमला। हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे होटल और ढाबा मालिकों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने राज्य की जरूरतों को देखते हुए 4.08 लाख लीटर केरोसिन (मिट्टी का तेल) का कोटा मंजूर कर दिया है। ये कदम देशभर में LPG की मौजूदा स्थिति और प्रदेश में व्यावसायिक सिलिंडर की कमी को देखते हुए उठाया गया है।

केरोसिन का कोटा और नई दरें

प्रदेश में पहले केरोसिन का कोटा उपलब्ध नहीं था क्योंकि इसका उपयोग लगभग ना के बराबर हो गया था लेकिन व्यावसायिक सिलेंडरों की भारी कमी को देखते हुए सरकार ने इसे फिर से शुरू करने का फैसला किया है। अगले सप्ताह से ये तेल 60 से 70 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा। उपभोक्ता अपने राशन कार्ड के माध्यम से मांग के आधार पर इसे प्राप्त कर सकेंगे।

 

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व्यावसायिक सिलेंडर का संकट और वैकल्पिक समाधान

खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार हिमाचल में रोजाना करीब 3500 व्यावसायिक सिलेंडरों की खपत होती है जबकि घरेलू सिलेंडरों की खपत 32000 के करीब है। वर्तमान में:

  • घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य है लेकिन व्यावसायिक सप्लाई ठप पड़ी है।
  • अभी केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए ही व्यावसायिक सिलेंडर की खेप पहुंची है।
  • निदेशक राम कुमार गौतम ने सलाह दी है कि जब तक व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक होटल और ढाबा मालिक केरोसिन का उपयोग करें।

सरकार की तैयारी और मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रदेश में LPG की बहुत ज्यादा कमी नहीं है लेकिन जो भी किल्लत है, उससे निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिख रहे हैं। व्यावसायिक इकाइयों के लिए केंद्र से जितनी गैस मिलेगी, उसे तुरंत वितरित कर दिया जाएगा।

उपलब्धता और वितरण की प्रक्रिया

 

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खाद्य आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि:

  • उपायुक्तों के पास अधिकार: व्यावसायिक सिलेंडर का 20 प्रतिशत कोटा उपायुक्तों के माध्यम से मांग के आधार पर दिया जाएगा। इसके लिए सोमवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
  • गैस की वर्तमान खेप: प्रदेश में घरेलू गैस की 105 गाड़ियां पहुंची हैं, जिनमें कुल 35910 सिलेंडर आए हैं। इसमें इंडियन ऑयल की 79, भारत पेट्रोलियम की 15 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 11 गाड़ियां शामिल हैं।
  • स्टॉक: फिलहाल विभाग के पास 8000 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर बांटा जा रहा है।

राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केरोसिन के कोटे से उन छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनका काम व्यावसायिक गैस ना मिलने के कारण प्रभावित हो रहा था। सरकार की कोशिश है कि राशन कार्ड के जरिए पारदर्शी तरीके से केरोसिन का वितरण हो ताकि ईंधन की समस्या को जल्द सुलझाया जा सके।