शिमला। हिमाचल में सुक्खू सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जब से सुक्खू सरकार ने सत्ता संभाली है, प्रदर्शनों का दौर जारी है। कभी बेरोजगार तो कभी सचिवालय कर्मचारी सड़कों पर उतर कर अपने हकों की मांग कर रहे हैं। अब वेतन और पेंशन देरी से मिलने पर कर्मचारियों और पेंशनरों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। जिसके चलते आज राजधानी शिमला में पेंशनर्स ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जमकर प्रदर्शन किया।
पेंशनर्स ने खोला सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा
शिमला में डीसी कार्यालय के बाहर जमा हुए सैंकड़ों पेंशनर्स ने सुक्खू सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब सरकार उन्हें समय पर पेंशन नहीं दे पाई है। पेंशन के अलावा उन्हें अन्य लाभ भी नहीं मिल रहे हैं। सुक्खू सरकार ने इन पेंशनरों के साथ धोखा किया है। यह भी पढ़ें: खतरे में हिमाचल का ये गांव- कंपनी पर गलत तरीके से ब्लास्टिंग के आरोपक्या है पेंशनर्स की मांगे
- हिमाचल प्रदेश के पेंशनर्स लंबे समय से लंबित पड़े मेडिकल बिलों के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
- जनवरी 2016 से लेकर दिसंबर 2022 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक पेंशन के पूरे लाभ नहीं मिले हैं।
- कम्यूटेशन की राशि कटौती 10 साल के बाद बंद करने की मांग
- छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान
- डीए की किस्त
- जेसीसी के गठन की मांग
