शिमला। हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित मेट्रोपोल विधायक आवास परिसर को अनसेफ घोषित कर दिया। उन्होंने स्पीकर कुलदीप पठानिया से आग्रह किया कि मेट्रोपोल परिसर में विधायकों को आवास आवंटित न किए जाएं। उन्होंने 2 महीने में मेट्रोपोल परिसर को खाली कराने के निर्देश दिए। 

हादसा हुआ तो जिम्मेदारी विधानसभा की।

 

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सीएम ने कहा कि 121 साल पुराना मेट्रोपोल आवासीय परिसर अब असुरक्षित हो गया है। इसके बाद भी विधायक और कर्मचारी इस परिसर में रहते हैं। अगर कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदारी विधानसभा की होगी।

जरूरी हुआ तो 100 करोड़ भी खर्च करेंगे

प्रश्नकाल में भाजपा विधायक विपिन परमार के सवाल के जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य के विधायकों के लिए नए आवास बनाने के मद में 38 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। अगर इसके लिए 100 करोड़ भी जरूरी हुए तो सरकार खर्च करेगी।

 

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कर्मियों को मिलेगा मकान का किराया

सीएम ने कहा कि मेट्रोपोल में रहने वाले कर्मचारियों को दूसरे स्थानों पर आवास आवंटित किए जाएंगे और सरकार उन्हें आवास का 10 से 15 हजार रुपए तक का प्रतिमाह किराया प्रदान करेगी। शिमला में मेट्रोपोल के अलावा 66 सरकारी आवास और कार्यालय भी असुरक्षित घोषित है।

 

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11 मंजिल का बनेगा नया विधायक परिसर

आपको बता दें कि शिमला के कार्ट रोड पर मेट्रोपोल के पास नया विधायक आवास परिसर बनना है। इसके लिए शिमला नगर निगम ने नक्शा भी पास कर दिया है। यह 11 मंजिल का आवासीय परिसर होगा, जिसमें तीन मंजिल की पार्किंग होगी। बाकी की 7 मंजिलों में विधायकों के लिए 46 आवास बनाए जाएंगे।

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