धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में बीते रोज महाशिवरात्रि का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जहां प्रदेश भर के शिवालय पूरा दिन भोले के जयकारों से गूंजते रहे। वहीं कई स्थानों पर शिव की बारात भी निकाली गई। इस दौरान लोगों ने कई तरह के प्रसाद भी जनता में बांटे। लेकिन शिवरात्रि पर कई स्थानों पर जहां भांग का घोटा बनाकर लोगों को पिलाया गया, वहीं गई स्थानों पर भांग के पकौड़े भी बनाए गए।
धर्मशाला अस्पताल में पहुंचे सबसे अधिक मरीज
बता दें कि कांगड़ा जिला में भी कई स्थानों पर भांग का घोटा बनाया गया था। जिसे पीकर कई लोग मदमस्त हो हो गए। कुछ ने तो भांग का घोटा इतना अधिक पी लिया कि उनकी तबीयत ही बिगड़ गई। जिसके चलते उन्हें अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा। जिला भर से करीब 27 लोगों के अस्पतालों में पहुंचने की सूचना है। जिसमें अकेले जोनल अस्पताल धर्मशाला में 20 लोगों का उपचार किया गया।
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घोटा पीकर एक महिला की भी बिगड़ी तबीयत
इसके अलावा नगरोटा बगवां अस्पताल में भी दिन भर कई ऐसे लोगों को उपचार के लिए लाया गया, जिन पर भांग का नशा अधिक चढ़ गया था। ऐसे लोगों को अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में ही प्राथमिक उपचार के बाद वापस घर भेज दिया गया। बड़ी बात यह है कि नगरोटा बगवां अस्पताल में महिला को भी भर्ती करवाया गया था। इस महिला के सिर पर भी घोटे का असर इस कद्र चढ़ गया था कि महिला पूरी तरह से मदहोश हो गई थी।
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उपचार के बाद घर भेजे
इसी तरह से कांगड़ा जिला के उपमंडल देहरा के देहरा अस्पताल में भी पांच लोगों को भांग का घोटा पीने से मदहोश होने के बाद लाया गया था। जिन्हें ओपीडी में ही प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति में सुधार होने पर उन्हें वापस घर भेज दिया गया। आचार्य डाक्टर मिलाप शर्मा ने बताया कि भांग पीकर दो मामले टांडा में आए जिन्हें चक्कर आ रहे थे जिनको उपचार के बाद ठीक होने पर छुट्टी दे दी गई है।
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जोनल अस्पताल धर्मशाला के एसएमओ डॉ सुनील भट्ट ने बताया कि बुधवार को घोटे का सेवन करने के बाद 12 लोगों की हालत खराब हुई थी और उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचे थे। उपचार के बाद इन सभी को घर भेज दिया गया।
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बता दें कि हिमाचल में शिवरात्रि पर कई शिवालयों में तो कई युवाओं की टोलियों ने मिलकर भांग का घोटा बनाया और उसे भगवान भोले नाथ का प्रसाद के रूप में लोगों में वितरित किया। लेकिन कई लोगों ने इस घोटे का इतना अधिक सेवन कर लिया कि उनकी तबीयत ही बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में उपचार के लिए लाना पड़ा। जिसमें एक महिला भी शामिल रही।
