शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इंदिरा गांधी प्यारी बहना सम्मान निधि पाने वाली अपात्र महिलाओं को राशि सरकार को वापस लौटानी होगी। सरकार ने महिलाओं की पात्रता के जांच के निर्देश दिए है। ऐसे में अपात्र घोषित महिलाओं को पैसा वापस देना होगा।
पंचायत स्तर पर होगी जांच
इस योजना के लिए पात्र महिलाओं की जांच पंचायत स्तर पर होगी। जिसे बाद जिला तहसील कल्याण अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेगें और पात्र या अपात्र घोषित करेंगे। इस योजना में अभी तक 8 लाख से अधिक महिलाओं ने अप्लाई कर दिया है। ऐसे में सरकार के सामने सभी को योजना के अंदर लाने की चुनौती खड़ी हो गई है। यह भी पढ़ें: घर से बाजार जाने के लिए निकला 27 वर्षीय युवक, पहाड़ी से लगाई छलांगअगस्त में योजना के लिए जारी हुए 34 करोड़
बता दें कि इस योजना में बढ़ रही संख्या के चलते सरकार ने अगस्त के पहले हफ्ते में 34 करोड़ जारी किए थे। कई महिलाओं को तीन महीने के 4500 रूपए भी मिले हैं। वहीं, कुछ को अगस्त महीने की राशि मिली है। पिछले महीने सरकार ने योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपए भेजें थे।54 हजार महिलाओं को योजना का लाभ
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के लागू होने के बाद 54 हजार महिलाओं को इसका लाभ हुआ है। इसके बाद अब संख्या में इजाफा हो गया है। महिलाओं में योजना का फॉर्म भरने की होड़ मची है। वहीं, यह आंकड़ा अब 8 लाख के पार हो गया है। यह भी पढ़ें: हिमाचल: स्कूल के पास चिट्टा बेचती थी महिला, जानें कितना नशा बरामद हुआ योजना में अब अपात्र महिलाओं को सरकार बाहर का रास्ता दिखाएगी। ऐसे में आपको समझाए चलते हैं कि इस योजना के लिए कौन पात्र है- महिला हिमाचल की स्थायी निवासी हो
- महिला 18 से 59 वर्ष की आयु हो।
- महिला के परिवार से कोई सरकारी निगम या बोर्ड का कर्मचारी, पेंशनर, आउटसोर्स , दैनिक वेतनभोगी न हो।
- महिला के घर से कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
- महिला सरकार की किसी अन्य स्कीम या पेंशन का फायदा ना उठा रही हो
- महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ना हो
- महिला के घर से पेंशन धारक ना हो
