शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार दिवाली से पहले प्रदेशवासियों को कई बड़ी सौगातें देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिवाली से ठीक एक दिन पहले यानी 7 नवंबर को कैबिनेट की अहम बैठक बुलाने की तैयारी की है। इस बैठक पर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, पेंशनरों और नौकरी की आस लगाए बैठे युवाओं की निगाहें टिकी हुई हैं।
माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल की बैठक में नौकरियों का पिटारा खुल सकता है और विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इसके अलावा धर्मशाला में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र, अहम संशोधन विधेयकों और नई औद्योगिक नीति को लेकर भी सरकार बड़े फैसले ले सकती है। हालांकि, इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक में ही होगा।
खुल सकता है नौकरियों का पिटारा
कैबिनेट बैठक में सबसे ज्यादा उम्मीद प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को है। सरकार ने दिसंबर तक युवाओं को 50 हजार रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। बैठक में नए पदों के सृजन और पहले से खाली चल रहे पदों पर भर्ती को मंजूरी देने के प्रस्ताव सामने आ सकते हैं। यदि इन प्रस्तावों को हरी झंडी मिलती है तो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए यह दिवाली बड़ी राहत लेकर आ सकती है।
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विधानसभा शीतकालीन सत्र पर चर्चा
कैबिनेट बैठक में धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यह सत्र 16 से 21 नवंबर तक चलेगा, जिसमें कुल छह बैठकें होनी हैं। सरकार इस दौरान कई अहम संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है। इन विधेयकों के मसौदों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। ऐसे में मंत्रिमंडल की बैठक में यह भी तय होगा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार किन महत्वपूर्ण विधायी और नीतिगत मुद्दों को सदन में लेकर आएगी।
नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार बढ़ाने की तैयारी
प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए सरकार नई औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है। उद्योग विभाग की ओर से नीति के प्रारूप को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। नई नीति में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, विभिन्न प्रकार की रियायतें और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को आसान बनाने जैसे प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में नए उद्योग स्थापित हों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें।
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जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर फैसला
कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के लंबित स्टाइपेंड का मुद्दा मंत्रिमंडल के सामने आ सकता है। लंबे समय से इस मामले के समाधान की मांग उठ रही है। ऐसे में डॉक्टरों को राहत देने के लिए सरकार कोई फैसला ले सकती है। इसके अलावा पंचायतों में कार्यरत वेटरनरी सहायकों के अनुबंध विस्तार और मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है। इन फैसलों से संबंधित कर्मचारियों और सहायकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम पर भी बनेगी रणनीति
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के शीतकालीन प्रवास और सरकार के जनसंपर्क कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। सरकार की योजना 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने की है। इस कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी प्रस्तावित हैं। हालांकि, कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल बाद में तय किया जाएगा।
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दिवाली से पहले होने वाली बैठक पर टिकी प्रदेश की निगाहें
कुल मिलाकर 7 नवंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक हिमाचल प्रदेश के लिए कई लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर बेरोजगार युवा सरकारी भर्तियों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो दूसरी ओर कर्मचारी और पेंशनर महंगाई भत्ते को लेकर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा औद्योगिक नीति, स्वास्थ्य विभाग के लंबित मामले और विधानसभा सत्र की तैयारियां भी बैठक के एजेंडे में अहम रह सकती हैं। अब देखना होगा कि दिवाली से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक से प्रदेश की जनता को कितनी राहत मिलती है और किन प्रस्तावों पर सरकार अंतिम मुहर लगाती है।
