शिमला। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर कैबिनेट ने कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में जहां हजारों पदों को भरने और नए पद सृजित करने का रास्ता साफ किया गया, वहीं आशा वर्करों, नंबरदारों, पीजी डॉक्टरों और अन्य वर्गों को आर्थिक राहत भी दी गई। सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने और युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: 800 पुलिस कांस्टेबल भर्ती में आयु सीमा बढ़ाई, डॉक्टरों को दी बड़ी सौगात
रोजगार के क्षेत्र में बड़ा फैसला, हजारों पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
- कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ी सौगात बेरोजगार युवाओं को मिली है। सरकार ने विभिन्न विभागों में हजारों पदों को भरने और नए पद सृजित करने की मंजूरी दी है।
- प्रदेश के 1,975 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर के 3,950 पद भरे जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में एक चौकीदार और एक मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्ति की जाएगी।
- इसके अलावा शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे। ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त होंगे, जबकि जिला परिषदों के अंतर्गत 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट रखे जाएंगे।
- पुलिस विभाग में नवनिर्मित नूरपुर पुलिस जिले के लिए 102 नए पद सृजित किए गए हैं। साथ ही प्रदेश में होने वाली 800 पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में एक वर्ष की विशेष छूट देने का फैसला लिया गया है।
- खेल विभाग में नादौन के खैरीदी में विकसित किए जा रहे स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 48 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: सुक्खू सरकार ने 7,500 पद भरने की दी मंजूरी; इन कर्मचारियों का बढ़ाया मानदेय
रोजगार से जुड़े प्रमुख फैसले
- 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती।
- 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) पद भरे जाएंगे।
- 400 पंचायत मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त होंगे।
- 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट रखे जाएंगे।
- नूरपुर पुलिस जिले के लिए 102 नए पद सृजित।
- 800 पुलिस कांस्टेबल भर्ती में आयु सीमा में एक वर्ष की छूट।
- स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 48 पद स्वीकृत।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के दो सबसे बड़े अस्पतालों में सात दिन की छुट्टी पर डॉक्टर्स...मरीजों को होगी परेशानी
शिक्षा क्षेत्र में सुधार, पुरस्कार राशि भी बढ़ाई
- सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना को मंजूरी देते हुए निर्णय लिया गया है कि सरकारी स्कूलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सप्ताह में दो बार उबला अंडा अथवा मौसमी फल उपलब्ध कराया जाएगा।
- शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों की पुरस्कार राशि 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि राज्य पुरस्कार विजेता शिक्षकों को अब 40 हजार रुपये की बजाय 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
- हालांकि, पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अब सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) का लाभ नहीं मिलेगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में चंद्रभागा नदी का रौद्र रूप : 3 गांवों का दुनिया से टूटा संपर्क- कई मकानों को खतरा
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख फैसले
- मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना को मंजूरी।
- नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार अंडा या फल।
- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार राशि 60 हजार से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये।
- राज्य शिक्षक पुरस्कार राशि 40 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये।
- आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में नए शैक्षणिक कोर्स शुरू होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई बड़े निर्णय लिए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के तहत कार्यरत डीएम, एम.सीएच. और डीआरएनबी योग्यता प्राप्त सुपर स्पेशलिस्ट फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने को मंजूरी प्रदान की गई है।
मेडिकल कॉलेजों में पीजी कर रहे डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
- प्रथम वर्ष: 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये
- द्वितीय वर्ष: 45,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये
- तृतीय वर्ष: 50,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये
यह भी पढ़ें- हिमाचल में पूर्व MLA ने किया घोटाला : गरीबों के खाते में डाले पैसे वापस मांगे, अब खुली पोल
- पीजी और सुपर स्पेशलिटी नीति में संशोधन करते हुए चमियाना, टांडा, हमीरपुर, मंडी, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में कार्यरत सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को छह वर्षों तक अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट दी गई है।
- सरकार ने हमीरपुर जिले के धनेटा में 75 एकड़ भूमि पर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा स्थापित करने का निर्णय भी लिया है।
- इसके अलावा आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में 30-30 सीटों के साथ बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी) और बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी कोर्स शुरू किए जाएंगे।
कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को आर्थिक राहत
- सरकार ने विभिन्न वर्गों के मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी कर राहत प्रदान की है।
- आशा वर्करों का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
- नंबरदारों का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
- लोक निर्माण विभाग के लगभग 900 फील्ड जूनियर इंजीनियरों को WAMIS प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए 1,000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा।
- वॉर जागीर ग्रांट को भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।
- मानदेय और भत्तों से जुड़े प्रमुख फैसले
- आशा वर्करों का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ा।
- नंबरदारों का मानदेय 500 रुपये बढ़ा।
- 900 जूनियर इंजीनियरों को 1,000 रुपये मासिक भत्ता।
- वॉर जागीर ग्रांट 7,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये।
यह भी पढ़ें- हिमाचल का पावर कपल : एक ही जिले में दोनों ने संभाला SDM का पदभार, संघर्ष से पाया मुकाम
मछुआरों और ग्रामीण समुदाय के लिए नई योजनाएं
- कैबिनेट ने मछुआरा समुदाय के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का फैसला लिया है। बंद सीजन के दौरान पात्र मछुआरा परिवारों को 3,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- वर्ष 2026-27 के लिए कई सब्सिडी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
- मछुआरों के लिए विशेष प्रावधान
- मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर 70 प्रतिशत सब्सिडी।
- कास्ट नेट और गिल नेट पर 90 प्रतिशत सब्सिडी।
- 20 कोल्ड स्टोरेज इकाइयों की स्थापना पर 70 प्रतिशत सब्सिडी।
- 10 फ्रीज-ड्राई यूनिट और 20 रेफ्रिजरेटेड वैन पर भी 70 प्रतिशत सब्सिडी।
आधारभूत ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति
- राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नई रोड सेफ्टी ऑडिट पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
- कुल्लू जिले की फोजल जलविद्युत परियोजना की क्षमता 9 मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने का निर्णय लिया गया है।
- शिमला हिल्स में जाठिया देवी माउंटेन सिटी विकसित करने की अनुमति भी प्रदान की गई है।
इसके अलावा:
- कोटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 बिस्तरों वाले संस्थान में बदला जाएगा।
- कांगड़ा के रैत स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को आयुष चिकित्सा कार्यालय में अपग्रेड किया जाएगा।
- शिमला के विकासनगर में पीपीपी मोड पर बहुउद्देशीय व्यावसायिक परिसर बनाया जाएगा।
- पीडब्ल्यूडी डिवीजन नंबर-2 को बिलासपुर से जगतखाना स्थानांतरित किया जाएगा।
- विकास, रोजगार और जनकल्याण का व्यापक रोडमैप
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई यह कैबिनेट बैठक केवल प्रशासनिक फैसलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने प्रदेश के विकास का एक व्यापक खाका भी पेश किया। रोजगार के हजारों अवसर, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी, मछुआरों और ग्रामीण समुदाय के लिए नई योजनाएं तथा आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाले फैसले इस बात का संकेत हैं कि सरकार आने वाले वर्षों में विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।
