शिमला। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक ने प्रदेश के लाखों युवाओं, कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और ग्रामीण समुदायों को बड़ी सौगात दी है। मंत्रिमंडल ने जहां पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए आयु सीमा में विशेष छूट देने का फैसला लिया, वहीं आशा वर्करों, नंबरदारों और मेडिकल कॉलेजों में पीजी कर रहे डॉक्टरों के मानदेय और स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की है। इसके अलावा प्रदेश में 7500 से अधिक पद भरने को मंजूरी देकर सरकार ने रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, न्यायिक व्यवस्था और बागवानी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को इस कैबिनेट बैठक की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित फैसला पुलिस भर्ती से जुड़ा रहा। प्रदेश सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आयु सीमा में एक वर्ष की विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। लंबे समय से बेरोजगार युवा इस मांग को उठा रहे थे। सरकार जल्द ही 800 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती करने जा रही है और आयु सीमा में मिली यह राहत उन युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो उम्र की बाध्यता के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका में थे।
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आशा वर्करों और नंबरदारों के मानदेय में बढ़ोतरी
प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी मानी जाने वाली आशा वर्करों को भी कैबिनेट बैठक से बड़ी राहत मिली है। सरकार ने उनके मानदेय में एक हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद आशा वर्करों का मासिक मानदेय बढ़कर 6,800 रुपये हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
इसके साथ ही ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नंबरदारों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। सरकार ने उनके मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 5,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों नंबरदार लाभान्वित होंगे।
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पीजी डॉक्टरों को मिला आर्थिक संबल
मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर रहे डॉक्टरों के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उनके स्टाइपेंड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। प्रथम वर्ष के पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों का 50 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये तथा तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 60 हजार से बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे युवा डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
स्कूली बच्चों के लिए शुरू होगी पोषाहार योजना
कैबिनेट ने शिक्षा और पोषण को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री बाल पोषाहार योजना के तहत नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ सप्ताह में दो दिन उबला अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होगा।
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मत्स्य, अग्निशमन और अन्य विभागों को मिली मजबूती
सरकार ने मत्स्य विभाग में छह फिशरीज ऑफिसर और चार सब-इंस्पेक्टर (फिशरीज) के पद स्वीकृत किए हैं। वहीं अग्निशमन विभाग में नए फायर स्टेशन तथा कांगड़ा के बड़ोल में फायर पोस्ट स्थापित करने के लिए विभिन्न पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। योजना विभाग और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में भी नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
चार नई स्थायी लोक अदालतों को मंजूरी
जनता को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य में चार नई स्थायी लोक अदालतों के गठन को मंजूरी दी गई है। इनके संचालन के लिए 16 अतिरिक्त पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
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बागवानों को भी मिली राहत
प्रदेश के बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) को जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत राज्य सरकार इस वर्ष भी सेब और अन्य फलों की खरीद करेगी, जिससे किसानों और बागवानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
7500 से अधिक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक में रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने विभिन्न विभागों में लगभग 7,500 से अधिक पद भरने की मंजूरी दी है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा विभाग में होगी, जहां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे।
इसके अलावा शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के पद नियमित आधार पर राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। वहीं प्रदेश की विभिन्न पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। आयुर्वेद विभाग में 800 स्टाफ नर्सों की भर्ती का निर्णय भी युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है।
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स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी के नेफ्रोलॉजी विभाग में पांच डायलिसिस टेक्नीशियन पदों को स्वीकृति दी गई है। वहीं टांडा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के लिए दो असिस्टेंट प्रोफेसर पद मंजूर किए गए हैं।
सरकार ने शिमला जिले के कोटली क्षेत्र में नया स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा हमीरपुर के धनेटा में शिक्षण स्तर का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
आईजीएमसी में शुरू होगा नया तकनीकी कोर्स
राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडिएशन/रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी) का नया कोर्स शुरू किया जाएगा। इस कोर्स के लिए 30 सीटों को मंजूरी दी गई है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने में मदद मिलेगी और छात्रों को नए करियर विकल्प प्राप्त होंगे।
