शिमला। हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) जैसी बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, और यह एक चिंताजनक स्थिति है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग आमतौर पर शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली, खानपान और तनाव के कारण हिमाचल जैसे राज्य भी उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से अछूते नहीं रह गए हैं।
क्या आपको भी है हाई ब्लड प्रेशर?
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) ना केवल हृदय और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है, बल्कि इसका प्रभाव मस्तिष्क और याद्दाश्त पर भी पड़ सकता है। यह स्थिति आपके संज्ञानात्मक कार्यों (कॉग्निटिव फंक्शन) पर नकारात्मक असर डाल सकती है, जिससे याद्दाश्त कमजोर हो सकती है।
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मस्तिष्क को कम रक्त प्रवाह-
समाधान और रोकथाम-
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।- स्वस्थ आहार का पालन करें, जैसे कम सोडियम और अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन।
- नियमित व्यायाम करें, जिससे रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
- तनाव को नियंत्रित करने के लिए ध्यान, योग, और अन्य तनाव प्रबंधन तकनीकों का सहारा लें।
- धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकते हैं।
क्यों हो रही हाई बल्ड प्रेशर की दिक्कत?
बदलती जीवनशैली-- शहरीकरण और तकनीकी प्रगति के साथ जीवनशैली में बदलाव हुआ है। शारीरिक गतिविधियों में कमी, सिटिंग जॉब्स, और आरामदायक जीवनशैली ने लोगों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
- फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी बढ़ गया है, जो सोडियम की अधिकता के कारण उच्च रक्तचाप का प्रमुख कारण बन सकता है।
- हिमाचल प्रदेश जैसे शांत और प्राकृतिक स्थानों में भी लोगों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की चुनौतियां, नौकरी का तनाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, और आर्थिक समस्याएं उच्च रक्तचाप को बढ़ावा देती हैं।
- COVID-19 महामारी के बाद भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं, जिससे ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याएं भी बढ़ी हैं।
- आधुनिक खानपान की आदतें जैसे जंक फूड, तला-भुना खाना, और अधिक नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में सहायक हो रहा है। परंपरागत पहाड़ी खानपान, जो अधिक पौष्टिक और स्वस्थ हुआ करता था, की जगह अब कई जगहों पर प्रोसेस्ड फूड ने ले ली है।
- पहले लोग ज्यादातर खेती या अन्य शारीरिक श्रम से जुड़े काम करते थे, लेकिन अब शारीरिक गतिविधियों में कमी आई है। इसके कारण शरीर में फैट और कैलोरी बढ़ने से हृदय से जुड़ी बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी बढ़ गया है।
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का ब्लड प्रेशर थोड़ा ज्यादा होना सामान्य होता है, क्योंकि ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, यदि यह स्तर नियंत्रित न हो तो यह गंभीर समस्या का रूप ले सकता है।
- शराब और तंबाकू का अधिक सेवन भी हिमाचल प्रदेश में हाई ब्लड प्रेशर के बढ़ते मामलों का कारण हो सकता है। धूम्रपान और शराब का सेवन न केवल ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, बल्कि हृदय और रक्तवाहिनियों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
- उच्च रक्तचाप की समस्याओं के प्रति जागरूकता की कमी के कारण लोग इसका इलाज समय पर नहीं करवा पाते हैं। कई बार इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे लंबे समय में यह समस्या और भी जटिल हो जाती है।
