शिमला। हिमाचल में आज स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमारा गईं। प्रदेश भर के अस्पतालों में इलाज करवाने पहुंचे मरीजों को ओपीडी खाली मिली। आज सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ जमा होती रही। सभी मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे, लेकिन जब डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे तो पता चला कि सभी डॉक्टर आज हड़ताल पर हैं। जिसके बाद मरीजों को अपने इलाज के लिए यहां वहां भटकना पड़ा।
IGMC[/caption] यह भी पढ़ें: छाना पहाड़-निकला कुत्ता: 12 घंटे चला सर्च ऑपरेशन फेल या पास ? आप बताइए आज सुबह से ही चिकित्स आईजीएमसी गेट पर खड़े होकर कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध का विरोध करते रहे और सरकार से न्याय की मांग की गई। इस दौरान अस्पताल में कोई भी ओपीडी नहीं हुई और कोई ऑपरेशन नहीं हुए, जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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इलाज के लिए यहां वहां भटकते रहे मरीज
बता दें कि कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से हुई दरिंदगी और हत्या के खिलाफ हिमाचल के सभी डॉक्टरों आज हड़ताल पर थे। हालांकि डॉक्टरों ने 15 और 16 को भी हड़ताल की थी, लेकिन आज की हड़ताल में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन भी शामिल हो गई, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गईं। प्रदेश भर के अस्पतालों में सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही चलाई गईं। यह भी पढ़ें: मलाणा राशन ले जा रहे हेलीकॉप्टर की नहीं हुई लैंडिंग-सड़क बनने में लगेगा 6 महीने का समयअस्पतालों में सुबह ही पहुंच गए थे मरीज
प्रदेश भर के अस्पतालों में कोई भी ओपीडी नहीं हुई। डॉक्टर के ओपीडी में ना बैठने से इलाज करवाने आए हजारों मरीजों को बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ा। वहीं कई मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रूख करना पड़ा। अपने इलाज के लिए मरीज दिन भर यहां वहां भटकते रहे। यह भी पढ़ें: मंत्री विक्रमादित्य सिंह का दावा निकला फर्जी, 13 महीनों से आस में है पांच गांवआईजीएमसी में एक दिन में होती है तीन हजार ओपीडी
प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में एक दिन में तीन हजार से अधिक ओपीडी होती है। ऐसे में पहले से हड़ताल की जानकारी ना होने के चलते शनिवार सुबह से ही आईजीएमसी में मरीजों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। लेकिन जब डॉक्टर नहीं पहुंचे तो लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। [caption id="attachment_14065" align="alignnone" width="723"]
IGMC[/caption] यह भी पढ़ें: छाना पहाड़-निकला कुत्ता: 12 घंटे चला सर्च ऑपरेशन फेल या पास ? आप बताइए आज सुबह से ही चिकित्स आईजीएमसी गेट पर खड़े होकर कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध का विरोध करते रहे और सरकार से न्याय की मांग की गई। इस दौरान अस्पताल में कोई भी ओपीडी नहीं हुई और कोई ऑपरेशन नहीं हुए, जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। डॉक्टरों की हड़ताल से लोगों को हुई परेशानी
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों सहित अन्य सभी सरकारी अस्पतालों में भी डॉक्टरों की हड़ताल का असर लोगांे पर दिखा। इलाज करवाने आने वाले मरीजों को अधिक पैसे खर्च कर निजी अस्पतालों का रूख करना पड़ा। वहीं निर्धन लोगों को बिना उपचार के ही वापस घर लौटना पड़ा। जिससे उन्हंे भारी परेशानी हुई। [caption id="attachment_14067" align="alignnone" width="723"]
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