शिमला। हिमाचल प्रदेश में होम स्टे कारोबार से जुड़े हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। क्योंकि, होम स्टे संचालकों को अब लाइसेंस बनवाने या उसका नवीनीकरण करवाने के लिए न तो जिला पर्यटन कार्यालय जाना पड़ेगा और न ही लंबी कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
घर बैठे ऑनलाइन अपलोड होंगे दस्तावेज
दरअसल, प्रदेश के करीब 4500 से अधिक पर्यटन विभाग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करते हुए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इस नए सिस्टम के तहत होम स्टे मालिक अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
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आवेदन जमा करने से लेकर फीस भुगतान तक की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। मंजूरी मिलने पर लाइसेंस भी सीधे पोर्टल के माध्यम से ही उपलब्ध होगा। यह सुविधा शुरू होने के बाद ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले संचालकों को विशेष राहत मिलेगी, जिनके लिए हर बार जिला मुख्यालय तक जाना काफी समय और पैसे की बर्बादी साबित होता था।
निरीक्षण भी होगा डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा
अभी तक नवीनीकरण के दौरान संचालकों को कई विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन नए पोर्टल पर यह कार्य भी कुछ मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। दस्तावेज़ अपडेट कर फीस जमा करनी होगी, बाकी समीक्षा और स्वीकृति ऑनलाइन ही होगी। ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद संबंधित पर्यटन विकास अधिकारी होम स्टे का फिजिकल निरीक्षण करेंगे।
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यह निरीक्षण होम स्टे रूल्स 2025 के नए प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। यदि भवन की संरचना, सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े सभी मानक पूरे पाए जाते हैं, तो पोर्टल में आवेदन को अनुमोदित कर लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
EDC ने विकसित किया पोर्टल
पर्यटन विभाग के निदेशक विवेक भाटिया ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (EDC) की तकनीकी सहायता से पोर्टल पूरी तरह तैयार हो चुका है। उनके अनुसार, अब प्रदेश में कोई भी व्यक्ति अपने होम स्टे का पंजीकरण या नवीनीकरण ऑनलाइन माध्यम से आसानी से कर सकेगा। यह पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी डिजिटल पहल है।
