शिमला। हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंद्र सुक्खू ने अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य की दिशा और दशा तय करने वाला एक व्यापक रोडमैप माना जा रहा है।
आर्थिक चुनौतियों के बीच बड़ा विजन
यह बजट ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। केंद्र से मिलने वाली RDG 1 अप्रैल से बंद होने जा रही है, जिससे राज्य के खजाने पर सीधा असर पड़ेगा। ऐसे हालात में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती आत्मनिर्भर वित्तीय ढांचा खड़ा करने की है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खास फोकस
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखा है। किसानों-बागवानों और पशुपालकों को मजबूत किए बिना हिमाचल की अर्थव्यवस्था को गति देना संभव नहीं-इसी सोच के साथ कई अहम घोषणाएं की गईं।
दूध के दाम में बढ़ोतरी
पशुपालकों को सीधा लाभ देने के लिए सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। इस फैसले से हजारों दुग्ध उत्पादकों की आय में सीधा इजाफा होने की उम्मीद है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां पशुपालन आजीविका का अहम साधन है।
- गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया गया।
- भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया।
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भेड़पालन को नई दिशा
सरकार ने पारंपरिक भेड़पालन व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिए 300 करोड़ रुपये की बड़ी योजना की घोषणा की है। लंबे समय से उपेक्षित इस क्षेत्र को अब संगठित और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
चरवाहों के लिए डिजिटल कार्ड
चरवाहों के लिए “डिजिटल कार्ड” जारी करने की योजना बनाई गई है- जिससे उनकी पहचान, सुविधाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही उन्हें जीवन बीमा कवर देने की घोषणा भी की गई है, जो सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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गेंहू-मक्के फसलों पर भी खुशखबरी
इस बजट में हिमाचल के कई कृषि उत्पादों का MSP बढ़ा दिया गया है। हिमाचल में पहली बार अदरक का MSP तय किया गया है।
- अदरक का MSP 30 रुपये KG किया गया है।
- प्राकृतिक खेती से तैयार किए गेंहू का MSP 80 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 60 रुपये था।
- मक्की का MSP 50 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 40 रुपये था।
- पांगी घाटी के जौ का MSP 80 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 60 रुपये था।
- हल्दी का MSP 150 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 90 रुपये KG था।
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आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर कदम
CM सुक्खू ने अपने बजट भाषण में बार-बार “आत्मनिर्भर हिमाचल” की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अब बाहरी सहायता पर निर्भरता कम कर राज्य के अपने संसाधनों को मजबूत करने पर ध्यान देगी।
इस दिशा में कृषि, पशुपालन, बागवानी और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। साथ ही डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी जोर दिया जाएगा।
