#राजनीति
March 21, 2026
हिमाचल बजट 2026-27 : किसानों के लिए बड़ी राहत, कई फसलों का MSP 60 रुपये बढ़ा
CM सुक्खू ने 54 करोड़ का बजट किया पेश
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आज पेश किया जा रहा वर्ष 2026-27 का बजट कई मायनों में बेहद अहम और चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जैसे ही बजट भाषण शुरू किया, उससे पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया।
CM सुक्खू की ओर से विपक्ष पर की गई टिप्पणी के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही सुबह 11:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इस बार का बजट प्रदेश की कमजोर वित्तीय स्थिति को साफ तौर पर दर्शाता है। CM सुक्खू ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली RDG बंद होने के कारण राज्य को हर साल करीब 8,105 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार को बजट का आकार घटाना पड़ा है।
उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया- जो पिछले साल के मुकाबले कम है। पिछले वित्त वर्ष में बजट का आकार 58 हजार करोड़ रुपये से अधिक था। यह कटौती इस बात का संकेत है कि सरकार अब सीमित संसाधनों में प्राथमिकताओं को तय करने की रणनीति अपना रही है।
CM सुक्खू ने बजट भाषण के दौरान RDG बंद किए जाने को बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यह अनुदान 1950 के दशक से हिमाचल को मिलता आ रहा था, लेकिन अब इसे बंद करना संविधान की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर प्रदेश का साथ नहीं दिया। साथ ही पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आरडीजी का सही उपयोग किया गया होता, तो राज्य का आधा कर्ज खत्म किया जा सकता था।
CM सुक्खू ने बताया कि वर्ष 2017 में जब पिछली सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य पर करीब 47,917 करोड़ रुपये का कर्ज था- जो समय के साथ और बढ़ा। अब सरकार के सामने कर्ज के दबाव के बीच विकास और जनकल्याण योजनाओं को संतुलित करना बड़ी चुनौती है।
CM सुक्खू ने BBMB का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद हिमाचल को करीब 60 हजार करोड़ रुपये का एरियर नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा शानन पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी प्रदेश को उसका हक नहीं मिल रहा।
सरकार ने लंबे समय से लंबित पड़े विकास कार्यों को पूरा करने के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने 300 अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की। इससे सड़कों, भवनों और अन्य बुनियादी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए CM सुक्खू ने दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की घोषणा की ।इस फैसले से प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस बजट में हिमाचल के कई कृषि उत्पादों का MSP बढ़ा दिया गया है। हिमाचल में पहली बार अदरक का MSP तय किया गया है।
CM सुक्खू द्वारा मूर्गी पालन के लिए 62 करोड़ की योजना की घोषणा की गई है। ये योजना PPP मोड पर घोषित की गई है। जिसके तहत प्रति यूनिट से 84 हजार मासिक आय आने की संभावना है।
खेत बाड़बंदी योजना में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया- जिससे खेतों की फेसिंग को सब्सिडी दी जाएगी।
CM सुक्खू ने किसान आयोग गठित करने की घोषणा की है। CM का कहना है कि ये आयोग कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए काम करेगा। आयोग किसानों की समस्याएं सनेगा और समय पर समाधान करेगा।
CM ने वृक्षारोपण करने वाले महिला मंडलों को लिए प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है। जिसके तहत वृक्षारोपण करने वाले महिला मंडलों को एक लाख रुपया दिया जाएगा।
बजट पेश होने से पहले ही जिस तरह से सदन में हंगामा हुआ, वह इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में इस बजट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। विपक्ष जहां सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार इसे “आम आदमी के हित का बजट” बता रही है।