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May 4, 2026
हिमाचल : अगले 72 घंटे खराब रहेगा मौसम, तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी; ओलों के साथ होगी बारिश
मौसम विभाग ने आज ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी जारी की है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते दो दिनों से जारी बारिश ने पूरे प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल दिया है। जहां एक ओर तेज धूप और गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित भी करना शुरू कर दिया है।
पहाड़ी इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ मौसम बेहद सुहावना हो गया है, लेकिन इसके साथ ही जोखिम भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।
कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि और तूफान की आशंका जताई गई है। अनुमान है कि हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है- जिससे पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 5 मई को भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होंगे। मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट बरकरार रहेगा।जबकि बाकी जिलों में यलो अलर्ट लागू रहेगा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 7 मई तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि, 8 और 9 मई को मौसम कुछ राहत दे सकता है, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
लगातार हो रही बारिश का असर अब पहाड़ों की स्थिरता पर भी दिखने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे सड़कें बाधित हो रही हैं और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बीती शाम सोलन-सैंज मार्ग पर माइपुल के पास एक ऑल्टो कार अचानक हुए लैंडस्लाइड की चपेट में आ गई। इस घटना में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया। इससे पहले भी तेज तूफान के दौरान पेड़ गिरने से चार महिला शिक्षकों की दुखद मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
बारिश के चलते तापमान में आई गिरावट ने ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडक बढ़ा दी है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में एक बार फिर सर्दी का अहसास लौट आया है, खासकर रात के समय तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, मध्यम और निचले इलाकों में मौसम सुहावना जरूर हुआ है, लेकिन लगातार बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है।
आने वाले 48 घंटों को मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर पहाड़ी और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।