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May 3, 2026
हिमाचल में आसमानी बिजली गिरने से दो की थमी सांसें, ओलावृष्टि ने मचाई तबाही; 5 दिन नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने प्रदेश में जारी किया है ऑरेंज अलर्ट, सावधान रहने की दी है चेतावनी
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शिमला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में मई की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक खतरनाक तेवर दिखा दिए। रविवार को प्रदेशभर में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने जमकर कहर बरपाया। इस भीषण मौसम ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों और बागवानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो बेसहारा गौवंश की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, कांगड़ा के जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत नलसुहा में रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज गर्जना और तूफान के बीच बिजली एक पुराने पीपल के पेड़ पर आ गिरी। बिजली का प्रहार इतना तीव्र था कि पेड़ के नीचे खड़े दो गौवंश इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पेड़ में आग लग गई और कुछ समय तक धुआं उठता रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत एकजुट होकर आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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उधर, राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह के समय ही अंधेरा छा गया। तेज हवाओं और बादलों की गर्जना के साथ हुई बारिश ने दिन में ही रात जैसा माहौल बना दिया। कई क्षेत्रों में लोगों को दिन के समय ही लाइट जलानी पड़ी। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का अहसास बढ़ गया।
प्रदेश के ऊपरी इलाकों में जहां बर्फबारी दर्ज की गई, वहीं निचले क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। धर्मशाला, कुफरी और मशोबरा सहित कई इलाकों में ओलावृष्टि से सेब और अन्य फलदार पौधों को क्षति पहुंची है। बिलासपुर और अन्य क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण कई घरों की छतें उड़ने की भी खबरें सामने आई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पालमपुर, रामपुर, रोहड़ू और बिलासपुर में अच्छी-खासी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रों में हल्का हिमपात हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं की कटाई के बीच आई बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि सेब सहित अन्य फलों पर मौसम की मार पड़ी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 3 से 5 मई तक प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता 7 मई तक बनी रह सकती है, जिसके चलते मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
हालांकि, 6 मई के बाद मौसम में कुछ सुधार के संकेत हैं, लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।