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May 5, 2026
हिमाचल के 10 जिलों में बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी : ओले धो सकते हैं किसानों की मेहनत
फसलों पर असर डाल सकता है मौसम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई- जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना तो हुआ। मगर किसानों और आम लोगों के लिए चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम के तेवर तीखे बने रहने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। यहां एक-दो स्थानों पर तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी चलने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन इलाकों में मौसम का प्रभाव अधिक तीव्र हो सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग ने 6 मई, बुधवार के लिए भी सतर्कता बरतने को कहा है। इस दिन प्रदेश के 10 जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसके चलते इन जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अगर पूरे प्रदेश के मौसम के रुझान पर नजर डालें तो आज मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर बादल सक्रिय रहेंगे और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बना रहेगा।
तापमान की बात करें तो फिलहाल इसमें किसी बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत नहीं हैं। अगले 48 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान लगभग स्थिर बने रह सकते हैं। सोमवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान ताबो में 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड के बने रहने का संकेत है। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर भी कायम है।