शिमला। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ ने शिमला में अनुराग ठाकुर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं, और इन्हीं की बदौलत हिमाचल में आज कांग्रेस की सरकार बनी है।
नहीं भूलना चाहिए कार्यकर्ताओं का त्याग-बलिदान
राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी के जो कार्यकर्ता वर्षों से संगठन के लिए संघर्ष करते आए हैं, वे आज भी कई मामलों में केस झेल रहे हैं और कोर्ट से समन तक आ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि "कल भी तीन समन आए हैं।" यह दर्शाता है कि कार्यकर्ताओं ने केवल चुनावों में ही नहीं, बल्कि हर मोर्चे पर पार्टी के लिए लड़ाई लड़ी है।
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सरकार से की सुनवाई की अपील
उन्होंने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इन कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। राठौड़ ने भावुक होते हुए कहा, "मैं भी पार्टी का ही आदमी हूं, इसलिए मैं यह बात रख रहा हूं।" उन्होंने मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें भी इस बात का एहसास होना चाहिए कि कांग्रेस कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं और उनकी उपेक्षा भविष्य में भारी पड़ सकती है।
राजनीतिक संकेतों से भरा बयान
राठौड़ का यह बयान केवल व्यक्तिगत चिंता नहीं, बल्कि एक व्यापक संदेश था, जो यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर असंतोष की चिंगारी कहीं न कहीं सुलग रही है। उन्होंने बहुत साफ शब्दों में कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनी जानी चाहिए, अन्यथा पार्टी का आधार कमजोर हो सकता है। हालांकि, इस बयान से यह भी संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक स्तर पर समन्वय और संवाद की आवश्यकता है, ताकि पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को उपेक्षित महसूस न हो।
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कार्यकर्ता ही हैं पार्टी की जान
कुलदीप सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में बार-बार यह दोहराया कि पार्टी कार्यकर्ता सिर्फ चुनावी संसाधन नहीं, बल्कि विचारधारा और संगठन के स्तंभ हैं। यदि उन्हें पर्याप्त सम्मान और सहयोग नहीं मिला, तो पार्टी के लिए भविष्य में यह नुकसानदेह हो सकता है। बहरहाल, उनका यह बयान न केवल सरकार को चेतावनी है, बल्कि पार्टी संगठन के लिए एक आत्ममंथन का अवसर भी है।
