#राजनीति
March 15, 2026
सुक्खू सरकार पर भड़के जयराम : बोले- विजिलैंस को RTI से बाहर कर भ्रष्टाचार छिपाने की कर रहे कोशिश
सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सूचना के अधिकार के दायरे से बाहर करने के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार सरकार पारदर्शिता से बचना चाहती है और प्रदेश में सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
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उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली सरकार आज उसी कानून की भावना के खिलाफ खड़ी नजर आ रही है, जिसे कभी उसके ही राजनीतिक दल ने लागू किया था।
जयराम ठाकुर का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को पूरी तरह गोपनीय रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन-सी जांच है जिसे प्रदेश की जनता से छिपाने की जरूरत पड़ रही है।
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उनका कहना है कि विजिलैंस की जांच का उद्देश्य भ्रष्टाचार को उजागर करना और दोषियों को सजा दिलाना होता है, ऐसे में उसे गोपनीय बनाने का फैसला कई तरह के संदेह पैदा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही नेताओं और मंत्रियों से जुड़े मामलों को दबाने की कोशिश कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जनता के अधिकारों और पारदर्शिता को कमजोर करने वाले ऐसे फैसलों का विरोध किया जाएगा और सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।