#राजनीति
March 13, 2026
हिमाचल की तरह हरियाणा कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का डर, सीएम सुक्खू की निगरानी में पहुंचाए सभी MLA
क्रॉस वोटिंग के डर से सीएम सुक्खू की किलेबंदी में हरियाणा कांग्रेस के विधायक
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चंडीगढ़/शिमला: हरियाणा की सियासत में राज्यसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं ने जोर पकड़ लिया है। 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस ने अपने कुनबे को बिखरने से बचाने के लिए 'ऑपरेशन शिमला' शुरू कर दिया है। ठीक उसी तर्ज पर, जैसे पिछले साल हिमाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर भारी क्रॉस वोटिंग के कारण हिमाचल कांग्रेस को जीती हुई बाजी हारनी पड़ी थी] अब हरियाणा कांग्रेस भी उसी खौफ के साये में है।
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला बेहद रोमांचक और पेचीदा हो गया है। कांग्रेस को सबसे बड़ा डर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल से लग रहा है। इतिहास गवाह है कि 2016 में 'पेन कांड' और 2022 में ' क्रॉस वोटिंग ' की वजह से पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी थी। इसी पुराने 'खेले' की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हाईकमान के निर्देश पर विधायकों को तत्काल प्रभाव से हिमाचल शिफ्ट कर दिया गया है।
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हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों को दो टेंपो ट्रैवलर बसों में भरकर शिमला के निकट कुफरी ले जाया गया है। खास बात यह है कि ये सभी विधायक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सीधी देखरेख और मेहमाननवाजी में रहेंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू खुद पिछले साल क्रॉस वोटिंग का दंश झेल चुके हैं, ऐसे में पार्टी ने उन्हें इन विधायकों की 'किलेबंदी' की जिम्मेदारी सौंपी है। वहां विधायकों को न केवल एकजुट रहने का पाठ पढ़ाया जा रहा है, बल्कि वोट डालने की बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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भले ही कांग्रेस एकजुटता का दावा कर रही हो, लेकिन 37 में से 6 विधायकों का हिमाचल न जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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90 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जो आंकड़े के लिहाज से सुरक्षित हैं, लेकिन अतीत के अनुभव बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव में 'आंकड़े' नहीं 'वफादारी' मायने रखती है। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी चुटकी लेते हुए कहा है कि "अगले 72 घंटों में बड़ा खेला होना बाकी है।"
दरअसल हरियाणा में 16 मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान होना है। भाजपा ने जहां संजय भाटिया को उतारकर अपनी एक सीट पक्की कर ली है, वहीं निर्दलीय सतीश नांदल के जरिए कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध की राह में कांटे बिछा दिए हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सुक्खू की 'पाठशाला' और हुड्डा की 'निगरानी' कांग्रेस के लिए कितनी कारगर साबित होती है या फिर हरियाणा में एक बार फिर 'कलम और क्रॉस वोटिंग' का कोई नया अध्याय लिखा जाएगा।