मंडी। हिमाचल प्रदेश लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और राज्य सरकार अपने खर्चों के लिए कर्ज लिए जा रही है। इस बीच बीते सोमवार को विधानसभा में हुई एक घोषणा ने सभी को चौंका दिया। जोगिंद्रनगर से BJP विधायक प्रकाश राणा ने ऐलान किया कि जब तक प्रदेश इस आर्थिक संकट से बाहर नहीं आता, वह अपने विधायक वेतन में 1 रुपये ही लेंगे। 

चर्चा का विषय बने प्रकाश राणा

अपने इस साहसिक ऐलान के बाद विधायक प्रकाश राणा सुर्खियों में बने हुए हैं। उनकी इस पहल ने आम लोगों और मीडिया दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि विधायक कितने संपन्न हैं, उनके पास कितनी संपत्ति है, उनका कारोबार क्या है और उनकी वित्तीय स्थिति कैसी है। 

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2017 की रिपोर्ट के अनुसार विधायक की संपति

⦁    विधायक प्रकाश राण का सऊदी अरब में डायमंड का कारोबार है।
⦁    इसके अलावा, उनका व्यवसाय ट्रांसपोर्ट, इंजीनियरिंग इक्विपमेंट और वर्कशॉप के बड़े नेटवर्क तक फैला हुआ है।
⦁    साऊदी अरब में चलने वाले कई इंडियन स्कूलों के लिए स्कूल बसों का कॉन्ट्रैक्ट भी उनके कारोबार का हिस्सा बताया जाता है।
⦁    उनका घर इतना बड़ा है कि बाहर निजी हेलीपैड बना हुआ है।
⦁    उनके पास कुल नौ शानदार गाड़ियां हैं, जिनमें ऑडी, मर्सिडीज-बेंज, टोयोटा फॉर्च्यूनर और अन्य हाई-एंड मॉडल शामिल हैं। 

 

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2017 में लड़ा पहला चुनाव 

2017 तक राज्य में कई लोग प्रकाश राणा को नहीं जानते थे, लेकिन जोगिंद्रनगर क्षेत्र में लोग उन्हें उनके व्यापार और समाज सेवा के कामों के लिए जानते थे। उनकी सफलता का एक बड़ा कारण उनका विदेशों में व्यापार है।जिसके कारण वे अपनी एक अलग पहचान बना पाए।

 

प्रकाश राणा का राजीनितक जीवन

वहीं, प्रकाश राणा का राजनीतिक जीवन भी काफी दिलचस्प है। 2017 में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और विधायक बने। बाद में उन्होंने BJP जॉइन की और 2022 में फिर से जीतकर अपने क्षेत्र की सेवा जारी रखी। 

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पहले भी अपनी सैलेरी जरूरतमंदों को दी

प्रकाश राणा ने अपने पहले चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि यदि जनता उन्हें जिताती है, तो वह विधायक के तौर पर मिलने वाले वेतन और भत्तों को पूरी तरह जनता की सेवा के लिए समर्पित कर देंगे।

लोगों की मदद में लगाया वेतन

वहीं, उन्होंने चुनाव जीने के बाद पैसा आते ही अपने पिता के नाम पर मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया। उनकी MLA सैलरी और भत्ते उसी ट्रस्ट में जाते रहे, जिनसे बेटियों की शादी, गरीब बच्चों की पढ़ाई, वृद्ध और विधवा महिलाओं की मदद, सौ से ज़्यादा व्हीलचेयर वितरण और महिला मंडलों व स्वयं सहायता समूहों को सहायता दी गई। कोविड के दौर में उन्होंने तरीका बदलते हुए सैलरी सीधे गूगल पे के माध्यम से जरूरतमंदों के खातों में भेजनी शुरू की। समर्थकों के अनुसार उनका पूरा वेतन सीधे लोगों की मदद में लगा है।

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जनता की सेवा उनकी पहली प्राथमिकता

हिमाचल की फाइनेंशियल हालत ठीक नहीं है, इसलिए लोगों को विधायक वेतन बढ़ाने से नाराजगी थी। ऐसे में करोड़पति विधायक प्रकाश राणा ने सिर्फ 1 रुपये सैलरी लेने का फैसला किया। इससे पता चलता है कि उनकी संपत्ति चाहे कितनी भी हो, लेकिन जनता की सेवा उनकी पहली प्राथमिकता है। संकट के समय विधायक अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और जनता की भलाई के लिए प्रतीकात्मक त्याग करना जरूरी मानते हैं।

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