शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों के ठीक बीच राज्य की सियासत का पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। बीते रोज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक और उसमें लिए गए बड़े फैसलों पर विपक्षी दल भाजपा ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के दिग्गज नेताओं ने इस कदम को पूरी तरह राजनीतिक और चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाला करार दिया है। 

जयराम बोले: वोटरों को लुभाने के लिए तोड़ी आचार संहिता

हिमाचल प्रदेश में चल रहे पंचायत] बीडीसी और जिला परिषद चुनावों के बीच कल हुई कैबिनेट बैठक ने सूबे में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने सुक्खू सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा का सीधा आरोप है कि कांग्रेस सरकार हार के डर से आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन कर रही है।

 

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चुनाव के बीच कैबिनेट बुलाना लोकतंत्र का मजाक

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब पूरे प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है, तो ठीक मतदान से पहले कैबिनेट बैठक बुलाने की क्या हड़बड़ी थी, जयराम ठाकुर ने तल्ख लहजे में कहा कि सुक्खू सरकार ने पंचायत चुनाव के लिए लगी आचार संहिता के बीच कैबिनेट बैठक की और उसमें बड़े-बड़े लोकलुभावन फैसले लेकर सीधे तौर पर जनता और मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया है।

 

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यह खुलेआम आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की कि फैसलों की मीडिया ब्रीफिंग नहीं की गई, लेकिन हकीकत यह है कि एक सोची-समझी योजना के तहत सारे फैसलों को मीडिया तक पहुंचाया गया ताकि वोटरों को प्रभावित किया जा सके। 

 

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जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू पिछले तीन साल से सिर्फ घोषणाएं ही कर रहे हैं, जो धरातल पर आज तक नहीं उतरीं। अब ऐन चुनाव के वक्त नई घोषणाएं कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी शिकायत भाजपा सीधे चुनाव आयोग से करेगी।

महिलाओं से जुड़े फैसले और भर्ती पर उठाए सवाल

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने भी इस टाइमिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में महिलाओं से जुड़ी योजनाएं, नए पदों की मंजूरी और नए दफ्तर खोलने जैसे लुभावने निर्णय लिए गए हैं। महाजन ने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े बैकडोर सूत्रों के माध्यम से इन खबरों को बाजार में फैलाया जा रहा है ताकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया जा सके। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग तुरंत दखल दे और इन कैबिनेट फैसलों की समीक्षा करे।

 

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चुनाव आयोग तक पहुंचेगा मामला

भाजपा नेताओं ने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान हुई कैबिनेट बैठक, उसमें लिए गए फैसलों और उनकी सार्वजनिक घोषणा को लेकर चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत की जाएगी। पार्टी का कहना है कि आयोग को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं किया गया।

 

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भाजपा का दावा है कि कांग्रेस सरकार ने मतदान से ठीक पहले बड़े फैसलों का सहारा लेकर राजनीतिक संदेश देने और मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है। अब इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और चुनावी माहौल में सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

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