शिमला। हिमाचल विधानसभा में शुक्रवार का दिन खासा हंगामेदार रहा। सुबह प्रश्नकाल में जहां पिछली भाजपा सरकार के राज में खोले गए संस्थानों के मुद्दे पर डिप्टी CM और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच नोंक-झोंक हो गई। वहीं उसके फौरन बाद शुरू हुई बजट पर चर्चा के आखिर में विपक्ष ने सीएम के जवाब के दौरान वॉकआउट कर दिया।

 

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बजट पर चर्चा के जवाब में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कोरोनाकाल में हिमाचल को 11 हजार करोड़ की अतिरिक्त रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट मिली थी। इस तरह पूर्व सरकार ने 40 हजार 772 करोड़ का कर्ज लिया। दनकी कांग्रेस सरकार ने उस कर्ज का 20 हजार 353 करोड़ ब्याज के रूप में चुकाया है।

सदन में विपक्ष की नारेबाजी

विपक्ष CM के इस जवाब से असंतुष्ट नजर आया। विपक्षी सदस्यों ने सदन के भीतर नारेबाजी की और फिर वॉकआउट कर दिया।

सरकार पर झूठ बोलने का आरोप

सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार झूठ बोलने पर अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने लगभग 19 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया। मगर कांग्रेस सरकार दो साल में ही 30 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। उन्होंने कहा, विपक्ष ने चार दिन तक बजट पर सार्थक चर्चा की। मगर मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं।

 

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प्रश्नकाल में तपा सदन

इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में संस्थान बंद करने का मामला आज फिर से गूंजा। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने संस्थान बंद करने का मामला सदन में उठाया। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, भाजपा सरकार के समय सैकड़ों संस्थान बिना किसी बजट और कैबिनेट में बिना चर्चा के खोले गए।

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हमारी सरकार नीड बेस आधार पर संस्थान खोलेगी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, जब से हिमाचल अस्तित्व में आया तब से अब तक ये कांग्रेस की पहली सरकार है, जो राजनीतिक द्वेष से काम कर रही है। राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से सैकड़ों संस्थान बंद कर दिए।

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