शिमला। हिमाचल प्रदेश की जर्जर और मौसम की मार झेलने वाली सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने नई पहल शुरू कर दी है। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह इन दिनों कर्नाटक दौरे पर हैं] जहां वह सड़क निर्माण] शहरी विकास और आधुनिक यातायात प्रबंधन के सफल मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं।

 

माना जा रहा है कि कर्नाटक में अपनाई जा रही कई आधुनिक तकनीकों और विकास मॉडलों को आवश्यक बदलावों के साथ हिमाचल में लागू किया जा सकता है। प्रदेश सरकार का फोकस केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी सड़कें विकसित करने पर है जो पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों और मौसम की कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय तक टिक सकें।

पहाड़ों की सड़कों को मिलेगी नई मजबूती

हिमाचल में हर वर्ष बरसात, भूस्खलन और बर्फबारी के कारण सड़कों को भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह कर्नाटक में सड़क निर्माण की आधुनिक तकनीकों, तेज निर्माण प्रणाली और टिकाऊ सड़क ढांचे का अध्ययन कर रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग: हिमाचल बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी बड़ा खुलासा, फॉरेंसिक जांच ने खोले राज; पैकिंग लिफाफे भी बदले

 

सरकारी सूत्रों के अनुसार कर्नाटक में उपयोग की जा रही कुछ तकनीकें सड़क निर्माण की लागत कम करने के साथ-साथ उनकी आयु भी बढ़ाती हैं। इन्हीं मॉडलों का अध्ययन कर हिमाचल की पहाड़ी परिस्थितियों के अनुरूप नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

कर्नाटक मॉडल पर टिकी हिमाचल की नजर

अपने दौरे के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात कर विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में सड़क निर्माण, शहरी आधारभूत ढांचे, यातायात प्रबंधन, नागरिक सुविधाओं और आधुनिक शहरी विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों राज्यों के बीच सफल योजनाओं और विकास मॉडलों के आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी।

 

 

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: सुक्खू सरकार ने बढ़ाया इन कर्मचारियों का मानदेय, 2215 पद भरने की मंजूरी

अब हिमाचल जाएंगे अध्ययन दल

लोक निर्माण मंत्री ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही हिमाचल के लोक निर्माण और शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल कर्नाटक भेजा जाएगा। यह दल वहां की परियोजनाओं, स्मार्ट प्रबंधन प्रणाली और आधारभूत ढांचे का अध्ययन करेगा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर यह तय किया जाएगा कि किन योजनाओं और तकनीकों को हिमाचल की जरूरतों के अनुसार अपनाया जा सकता है।

स्मार्ट शहरों की दिशा में बड़ा कदम

कर्नाटक दौरे के दौरान विशेष रूप से शहरों को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने वाले मॉडल पर चर्चा हुई। यातायात दबाव को कम करने के लिए आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली, डिजिटल निगरानी व्यवस्था और नागरिक सेवाओं की त्वरित उपलब्धता जैसे विषय प्रमुख रहे।

 

यह भी पढ़ें : आचार संहिता में सुक्खू कैबिनेट ने दी महिलाओं को 1500 रुपए देने की मंजूरी, 3 साल बढ़ाई रिटायरमेंट उम्र 

 

इसके अलावा शहरों की सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं के बेहतर संचालन और 24 घंटे निगरानी के लिए एकीकृत नियंत्रण केंद्र की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। माना जा रहा है कि भविष्य में हिमाचल के प्रमुख शहरों में भी इस तरह की व्यवस्थाएं विकसित की जा सकती हैं।

शिमला समेत अन्य शहरों के लिए नई योजना

प्रदेश सरकार राजधानी शिमला सहित अन्य प्रमुख शहरों को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। कर्नाटक के शहरी विकास मॉडल से प्रेरणा लेकर ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, डिजिटल सेवाओं और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन मॉडलों को हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप सफलतापूर्वक लागू किया गया तो इससे न केवल शहरी जीवन बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

यह भी पढ़ें : निकाय चुनाव ने सीएम सुक्खू में भरा जोश: बोले - 2027 से पहले अच्छे संकेत, भाजपा को बताया झूठी पार्टी

हिमाचल की जरूरतों के अनुसार होगा बदलाव

विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि कर्नाटक और विशेष रूप से बेंगलुरु का विकास मॉडल देशभर में एक उदाहरण माना जाता है, लेकिन इसे ज्यों का त्यों लागू करने के बजाय हिमाचल की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया जाएगा।

 

सरकार का लक्ष्य ऐसी सड़कें और शहर विकसित करना है जो आधुनिक होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हों। इसी सोच के साथ कर्नाटक के सफल अनुभवों को हिमाचल में लागू करने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

सड़कों से लेकर स्मार्ट शहरों तक बड़े बदलाव की तैयारी

कुल मिलाकर कर्नाटक दौरा हिमाचल के लिए केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि भविष्य की विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो आने वाले वर्षों में हिमाचल की सड़कों, यातायात व्यवस्था और शहरी विकास के स्वरूप में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में टिकाऊ सड़क निर्माण और आधुनिक शहरों का सपना अब नई दिशा की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें