शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत में पंचायती राज चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि चुनाव समय से करवाए जाएंगे।
तैयारियों में जुटा राज्य चुनाव आयोग
चुनाव दिसंबर महीने में करवाए जाने के प्रस्तावित हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग इन दिनों तैयारियों में जुटा हुआ है। अगले कुछ दिन में रोस्टर भी जारी हो जाएगी। ये चुनाव 15-20 दिसंबर के आसपास प्रस्तावित हैं।
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अनिरुद्ध सिंह ने किया जीत का दावा
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों को चुनावों में जीत हासिल होगी। हालांकि ये चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं होते, ऐसे में कांग्रेस के संगठन होने या नहीं होने से चुनाव में फर्क नहीं पड़ता।
बिना संगठन के बना रहेगा दबदबा
मंत्री अनिरुद्ध सिंह दावा कर रहे हैं कि बिना संगठन के भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अच्छी बढ़त हासिल करेंगे और चुनाव में कांग्रेस का दबदबा रहेगा। इन चुनावों में कौन जीतेगा कौन हारेगा, ये तो वक्त ही बताएगा।
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चर्चा कि सीट रिजर्व रहेगी या ओपन
हर पंचायत में रोस्टर को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि इस बार सीट रिजर्व रहेगी या ओपन। गौरतलब है कि हिमाचल में पंचायतों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण तय किया गया है और ऐसे में करीब 1,789 पंचायतों में प्रधान का पद महिलाओं के लिए आरक्षित होगा।
अब प्रदेश में हैं 3,577 ग्राम पंचायतें
गौरतलब है कि इस बार बीते पंचायत चुनाव की तुलना में अब प्रदेश में 3,577 ग्राम पंचायतें हैं। इससे पहले जयराम सरकार में पंचायतों की संख्या 3,615 थी। पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण स्तर पर खूब माहौल बना रहता है।
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17 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां
बता दें कि 6 अक्टूबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा और फिर आठ से 17 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकती हैं जिनका निपटारा 27 अक्टूबर तक किया जाएगा।
13 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची !
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 13 नवंबर या उससे पहले किया जाएगा। इससे पहले, चुनाव आयोग ने सभी जिले के डीसी को 25 सितंबर तक रोस्टर जारी करने के आदेश दिए थे लेकिन इनमें देरी हो गई है।
