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October 4, 2025

फिर छोड़ा गया पौंग डैम का पानी, कई इलाकों में बाढ़ आने का खतरा! रहें सावधान

ब्यास नदी के किनारे रह रहे लोग हो जाएं सावधान

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Beas River Pong Dam Himachal Weather

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा अगले तीन दिनों के लिए जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड BBMB ने एहतियाती कदम उठाते हुए आज दोपहर 12 बजे पौंग डैम से लगभग 50 हजार क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा।

पौंग डैम से छोड़ा पानी

प्रशासन ने इस निर्णय की पूर्व सूचना पहले ही जारी कर दी थी ताकि लोग सतर्क रहें। पानी छोड़े जाने के तुरंत बाद ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे निचले इलाकों में प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

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निचले इलाकों में खतरा

BBMB प्रबंधन के अनुसार, डैम का जलस्तर मानसून के कारण काफी बढ़ चुका था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 72 घंटों में प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में डैम की सुरक्षा और अतिरिक्त वर्षा जल के लिए जगह खाली करने के उद्देश्य से यह पानी छोड़ा गया है।

प्रशासन पूरी तरह सतर्क

BBMB अधिकारियों ने बताया कि पानी को पावर हाउस की टरबाइनों और स्पिलवे गेटों के माध्यम से ब्यास नदी में नियंत्रित तरीके से छोड़ा गया है। इस निर्णय के बाद कांगड़ा जिले के फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा क्षेत्रों में ब्यास नदी का बहाव काफी तेज हो गया है।

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खतरे का अलर्ट...

नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। जिला प्रशासन कांगड़ा ने संबंधित पंचायतों, आपदा प्रबंधन टीमों और पुलिस को तुरंत सक्रिय कर दिया है।

गांवों में दी जा रही चेतावनी

राजस्व विभाग और जल शक्ति विभाग की टीमें निचले इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। वहीं, ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे माइकिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को नदी के नजदीक न जाने की चेतावनी दें। इसके अलावा, प्रशासन ने पशुओं को ऊंचे स्थानों पर ले जाने और खेतों के पास बने अस्थायी घरों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

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ब्यास का बहाव तेज

SDM फतेहपुर विश्रुत भारती ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा ब्यास नदी का बहाव बहुत तेज है। लोगों से अनुरोध है कि वे किसी भी सूरत में नदी के किनारे या पुलों के आसपास न जाएं। प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है और हर संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं।

कई जगह हुआ काफी नुकसान

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार जब डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया था, तब कई गांवों और खेत-खलिहानों को भारी नुकसान हुआ था। इस बार वैसी स्थिति न बने, इसके लिए पहले से पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।

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आपदा प्रबंधन दल तैयार

आपदा प्रबंधन दलों को ब्यास नदी के आसपास 24 घंटे गश्त पर लगाया गया है। साथ ही, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड और पुलिस बल को भी तैयार रखा गया है। पौंग बांध से छोड़े गए पानी की गति लगभग 50,000 क्यूसेक प्रति सेकंड है, जिससे नदी का प्रवाह अचानक बढ़ गया है। BBMB ने कहा है कि अगर बारिश का दबाव और बढ़ा, तो जलस्तर के अनुसार और भी पानी छोड़ा जा सकता है, जिसकी सूचना समय-समय पर प्रशासन को दी जाएगी।

अफवाहों पर न दें ध्यान

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। स्थानीय पुलिस द्वारा नदी किनारे रेड जोन इलाकों में प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।

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सावधानी ही सुरक्षा

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू और चंबा जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। वहीं, ब्यास नदी के तेज बहाव से पंजाब की ओर भी पानी का स्तर बढ़ने की आशंका है।

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