मंडी। हिमाचल की सियासत में शनिवार को मंडी से एक अलग ही तस्वीर सामने आई, जहां विरोध का तरीका नारों से आगे निकलकर व्यंग्य और प्रतीकात्मक राजनीति में बदल गया। हिमाचल युवा कांग्रेस ने अपने 90 दिवसीय एजेंडे के तहत मंडी में सांसद कंगना रनौत को लेकर ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी।

‘वेतन कम पड़ता है’ बयान पर सियासी पलटवार

युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंडी की सांसद कंगना रनौत के हालिया बयान में अपने वेतन को स्टाफ खर्चों के लिए अपर्याप्त बताया था। जिसके बाद युवा कांग्रेस ने यह अभियान चलाया।  

 

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कंगना के लिए मांगा गया डोनेशन

इसी बयान को आधार बनाकर युवा कांग्रेस ने मंडी शहर में डोनेशन अभियान शुरू किया, ताकि सांसद के कथित निजी खर्चों के लिए चंदा इकट्ठा किया जा सके। यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं हिमाचल के सह प्रभारी ज्योतिष एचएम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

संगठन के नेता रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निखिल ठाकुर और प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी भी मौजूद रहे। नेताओं ने इसे जनता की आवाज बताते हुए कहा कि यह अभियान केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मौजूदा राजनीति पर सवाल उठाने का प्रतीक है।

 

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केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस

डोनेशन अभियान के साथ-साथ युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडी शहर में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में रोष रैली भी निकाली। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता डीसी कार्यालय पहुंचे और वहां केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियां युवा विरोधी हैं और हिमाचल को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

 

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‘हिमाचल के साथ हो रहा भेदभाव’

प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी ने कहा कि प्रदेश के युवा केंद्र सरकार की कार्यशैली से नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावित हिमाचल को अभी तक पर्याप्त मदद नहीं मिली है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के नाम बदलकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है और मनरेगा को लेकर किए जा रहे बदलाव इसका उदाहरण हैं।

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