#राजनीति
April 5, 2026
सुक्खू सरकार ने बदल दिया BJP की इस योजना का नाम, 'इंदिरा गांधी' से जोड़ा; बीमा राशि 25 हजार की
धूमल सरकार की बेटी है अनमोल योजना अब इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के नाम से होगी
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सियासी रंग के बीच एक बार फिर योजनाओं के नाम बदलने को लेकर बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई "बेटी है अनमोल" योजना का नाम बदलकर इसे नया सियासी रंग दे दिया है। अब इस योजना को "इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना" के नाम से जाना जाएगा। इस बदलाव के साथ योजना को नए स्वरूप में अधिसूचित भी कर दिया गया है।
यह योजना मूल रूप से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में बेटियों के हित में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य बीपीएल परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहारा और शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देना था। अब सुक्खू सरकार ने इसी योजना को नए नाम और कुछ संशोधनों के साथ लागू करते हुए इसमें इंदिरा गांधी का नाम जोड़ दिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: पुलिस को देख घबराया लड़का, तलाशी हुई तो निकली चिट्टे की खेप- पहुंचा जेल
हिमाचल प्रदेश के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से राज्य में "बेटी है अनमोल" योजना का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और इसकी जगह "इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना" प्रभावी मानी जाएगी। गौरतलब है कि इस मूल योजना की शुरुआत वर्ष 2010 में तत्कालीन धूमल सरकार द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य बीपीएल परिवारों की बेटियों को सशक्त बनाना था। इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से किया जाएगा और आवेदन प्रक्रिया ई.डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए पूरी होगी।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार के हाल... स्कूलों में शिक्षक नहीं और निदेशालय में 5 पदों पर 30 टीचर कर रहे बाबूगीरी
नई व्यवस्था के तहत बीपीएल परिवार में जन्मी बेटी के नाम पर 25 हजार रुपये बीमा कंपनी में जमा किए जाएंगे। यह राशि बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे दी जाएगी। इसके साथ ही अभिभावकों को ग्रुप टर्म इंश्योरेंस योजना के तहत कवर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक अभिभावक के लिए 2 लाख रुपये तक का बीमा प्रावधान रखा गया है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार फिर लेने जा रही 1900 करोड़ का कर्ज, नए वित वर्ष का पहला लोन; कहां होगा खर्च?
योजना के तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सुरक्षा और शिक्षा के अवसर मिलेंगे। लाभार्थी चाहे तो योजना की राशि 18 वर्ष की आयु पर या फिर 27 वर्ष की आयु तक बढ़ाकर प्राप्त कर सकती है। बेटी है अनमोल योजना की शुरुआत वर्ष 2010 में की गई थी, जिसमें शुरुआत में 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। बाद में इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया। वर्ष 2017 में इस योजना के तहत बीपीएल परिवार की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए 5 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान भी जोड़ा गया था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: कारगिल योद्धा और NSG कमांडो को नम आंखों से दी विदाई, 8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
योजना का नाम बदलकर उसमें इंदिरा गांधी का नाम जोड़े जाने से राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे पुरानी योजनाओं को नए नाम से पेश करने का प्रयास बता रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसे नए स्वरूप में लाया गया है।