शिमला। सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए है। सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं, स्वास्थ्य संबंधी भी बड़े निर्णय लिए गए हैं। 

देश का पहला राज्य बना हिमाचल

सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार के राहत मैन्युअल से अधिक सहायता राशि देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगी। बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि हिमाचल ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

आपदा राहत पैकेज के अहम बिंदु:

  • जिनके घर पूरी तरह टूटे, उन्हें 5 लाख मुआवजा मिलेगा (केंद्र का प्रावधान सिर्फ 1.30 लाख)
  • किराएदार के सामान के नुकसान पर 50 हजार मकान मालिक को 70,000 रुपए
  • गाय बहने पर 53,000 गोशाला निर्माण को 50,000 रुपए
  • भेड़-बकरियों के नुकसान पर 9,000 रुपए प्रति पशु, संख्या की सीमा नहीं जितनी जानवर बहेंगे, उतने का मुआवजा
  • पॉलीहाउस टूटने पर 25,000 प्रति यूनिट
  • घर में सिल्ट भरने पर 50,000 की राहत

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नकल विरोधी कानून का प्रस्ताव

कैबिनेट में एक अहम बिल को भी मंजूरी दी गई, जिसे मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। इस कानून के तहत: चयन परीक्षाओं में नकल करने, कराने या पेपर लीक करने पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान किया जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा

IGMC शिमला में कैंसर अस्पताल में PET Scan मशीन जल्द शुरू होगी। सभी उपकरण और बिल्डिंग तैयार।

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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

  • राजीव गांधी वन संवर्धन योजना को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
  • महिला मंडल और युवक मंडल अगर वन भूमि पर पौधरोपण करेंगे, तो उन्हें शुरुआत में 1.40 लाख दिए जाएंगे।
  • अगले 5 वर्षों तक पौधों की सर्वाइवल दर के आधार पर इन्सेंटिव मिलेगा।

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