मंडी। हिमाचल प्रदेश की राजनीती एक बार फिर गरमा गई है। इस बार राजनीतिक तापमान को सुक्खू सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बढ़ाया है। जगत नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर जमकर निशाना साधा और उनके कार्यकाल को कटघरे में ला खड़ा किया। जगत नेगी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जयराम ठाकुर ने आपदा में भी राजनीति की और आपदा के नाम पर चंदा एकत्रित कर अपने करीबी लोगों को बांटी।

 

दरअसल मंडी में सोमवार को आयोजित आपदा राहत वितरण समारोह में हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्र सरकार दोनों पर तीखे शब्दों में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश भीषण प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा था, तब भाजपा नेताओं को जनता के दुख.दर्द से ज्यादा अपनी राजनीति की चिंता थी।

 

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प्रधानमंत्री ने किया था 1500 करोड़ का वादा

नेगी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि की घोषणा की थी, लेकिन आज तक धेला तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान केंद्र ने प्रदेश की मदद करने के बजाय आंखें मूंद लीं, जबकि राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों में जनता के साथ खड़ी रही।

जयराम ठाकुर केवल बयानबाजी करते नजर आए

राजस्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब लोगों के घर बह रहे थे और सड़कें टूट रही थीं, तब वह सिर्फ माइक के सामने बयान देने में व्यस्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर अपने ही विधानसभा क्षेत्र थुनाग में भी राहत कार्यों की सही निगरानी नहीं कर पाए। नेगी ने कहा कि थुनाग में आपदा राहत के नाम पर चंदा तो इकट्ठा किया गया, लेकिन राशि उन्हीं लोगों को दी गई जो राजनीतिक रूप से उनके करीबी थे। जनता के असली पीड़ित आज भी मदद की आस लगाए बैठे हैं।

 

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डबल इंजन सरकार का पैसा मिशन रिपीट में लुटाया गया

नेगी ने जयराम ठाकुर की पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनके पास डबल इंजन सरकार का मौका था, तब उन्होंने राज्य के विकास के बजाय मिशन रिपीट के नाम पर खजाने को खाली कर दिया। प्रदेश को विकास की पटरी पर लाने की बजाय उन्होंने सरकारी धन को प्रचार और राजनीतिक स्वार्थ के लिए खर्च किया। आज उसी का नतीजा है कि प्रदेश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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सुक्खू सरकार ने राहत राशि में किया ऐतिहासिक इजाफा

राजस्व मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार ने देश में पहली बार राहत मैनुअल में बदलाव कर एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने राहत राशि में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है। प्रदेशकी सुक्खू सरकार ने बेघर हुए लोगों को नए घर बनाने की राशि 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 4000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये, बड़े पशुओं की मौत पर सहायता 4000 से बढ़ाकर 55,000 रुपये, कपड़े और बर्तनों के नुकसान पर 75,000 रुपये की राहत तय की गई है।

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केंद्र ने हिमाचल के साथ किया भेदभाव

नेगी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिमाचल के साथ दोहरी नीति अपना रही है। उत्तराखंड और बिहार को तो हजारों करोड़ की राहत दी गई, लेकिन जब हिमाचल की बारी आई तो केंद्र ने मौन धारण कर लिया। क्या पहाड़ की जनता भारतीय नहीं है। नेगी ने कहा कि जनता यह सब याद रखेगी कौन आपदा के समय उनके साथ था और कौन केवल मंचों से बयान दे रहा था। अब जनता को झूठे वादों और खोखले नारों से बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता।

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