शिमला। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्यसभा चुनाव के लिए कांगड़ा के युवा नेता अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया है। आज अनुराग शर्मा ने CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मौजूदगी में विधानसभा में अपना नामंकन पत्र दाखिल कर दिया है।

अनुराग ने दाखिल किया नामांकन

अनुराग शर्मा ने नामांकन दाखिल करने से पहले CM सुक्खू ने विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली। उनके नामांकन दाखिल करने के साथ-साथ ही हिमाचल कांग्रेस संगठन में नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। मगर BJP की ओर से अभी कोई बयानबाजी नहीं की गई है।

 

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नए चेहरे पर जताया भरोसा

विदित रहे कि, कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए देश के पांच राज्यों से कुल छह उम्मीदवारों की सूची जारी की है। जिन नामों की चर्चा लंबे समय से चल रही थी, उन्हें पीछे छोड़ते हुए हाईकमान ने संगठन से जुड़े चेहरे पर भरोसा जताया है।

CM की मौजूदगी में नोमिनेशन फाइल

अनुराग शर्मा आज विधानसभा परिसर में रिटर्निंग ऑफिसर और विधानसभा सचिव के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के विधायक भी मौजूद रहे।

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अनुराग को मिला बर्थडे गिफ्ट

बता दें कि अनुराग शर्मा का पिछले कल ही जन्मदिन था। ऐसे में जन्मदिन के अलगे ही दिन उनका नाम राज्यसभा सीट के उम्मीदवार की लिस्ट में आ गया है। जिसके बाद से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। वहीं, सीएम सुक्खू ने भी सोशल मीडिया पर अनुराग शर्मा को बधाई दी है। 

कौन हैं अनुराग शर्मा?

अनुराग शर्मा हिमाचल की राजनीति में उभरते हुए युवा चेहरे माने जाते हैं। उनकी राजनीतिक सक्रियता की शुरुआत 1990 के दशक में छात्र राजनीति से हुई थी, जिसके बाद वे कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे। कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अनुराग शर्मा पेशे से कारोबारी हैं और हाल ही में उन्हें कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।

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वीरभद्र सिंह के भी थे करीबी

राजनीतिक पृष्ठभूमि उनके परिवार से भी जुड़ी रही है। उनके पिता प्यारे लाल शर्मा बीड़ ग्राम पंचायत से छह बार प्रधान रह चुके हैं और एक बार पंचायत समिति के अध्यक्ष भी रहे। वे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते थे और वीरभद्र सिंह के बैजनाथ दौरे के दौरान अक्सर उनके घर ठहरते थे।

 

अनुराग शर्मा खेल गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। वे बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैराग्लाइडिंग गतिविधियों से उनका जुड़ाव रहा है। पारिवारिक स्तर पर उनका संबंध पूर्व मंत्री संतराम शर्मा के परिवार से भी बताया जाता है, जो वर्तमान में भाजपा में शामिल हो चुके नेता सुधीर शर्मा के पिता थे।

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CM सुक्खू से खास संबंध

अनुराग शर्मा लंबे समय से मुख्यमंत्री सुक्खू के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ वे इंटरनेशनल बीड़ बिलिंग पैरा ग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैरा ग्लाइडिंग प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़ी संस्था है।

हिमाचल कांग्रेस में CM सुक्खू का ही राज

अनुराग शर्मा को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर एक संकेत साफ माना जा रहा है। इस फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि हिमाचल में अब कांग्रेस की कमान CM सुक्खू के हाथों में ही सबसे मजबूत मानी जा रही है। पार्टी हाईकमान ने भी उनके सुझाव को स्वीकार करते हुए उसी दिशा में निर्णय लिया है।

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CM सुक्खू के करीबी

अनुराग शर्मा को CM सुक्खू का करीबी माना जाता है। राज्यसभा टिकट को लेकर कई बड़े और वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा जैसे चेहरे भी शामिल थे। इसके बावजूद अंत में युवा और संगठन से जुड़े नेता को मौका दिया गया।

छात्र राजनीति से शुरुआत

अनुराग शर्मा हिमाचल की राजनीति में उभरते हुए युवा चेहरे माने जाते हैं। उनकी राजनीतिक सक्रियता की शुरुआत 1990 के दशक में छात्र राजनीति से हुई थी, जिसके बाद वे कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे। कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अनुराग शर्मा पेशे से कारोबारी हैं और हाल ही में उन्हें कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।

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राजा गुट में नाराजगी

वहीं खबर सामने आ रही है कि राजा गुट इस नाम पर मोहर लगने से नाराज है। कयास लगाए जा रहे थे प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छिन जाने के बाद प्रतिभा सिंह को हाईकमान कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपेगा। खबरें में भी प्रतिभा सिंह का नाम राज्यसभा सीट के लिए आगे चल रहा था। मगर, अनुराग शर्मा का नाम सामने आने के बाद राजा गुट के समर्थकों इस बात को नहीं पचा पा रहे, वहीं हरियाणा में भी एक गुट नाराज बताया जा रहा है। 

कांगड़ा जिले पर कांग्रेस का फोकस

हिमाचल की राजनीति में कांगड़ा जिला बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि प्रदेश की सत्ता का संतुलन काफी हद तक इसी क्षेत्र से तय होता है। जिले में 15 विधानसभा सीटें हैं। मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी भी कांगड़ा के बैजनाथ क्षेत्र से संबंध रखती हैं और कांग्रेस ने भी उसी इलाके से जुड़े नेता को मैदान में उतारा है।

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कई बड़े नाम थे चर्चा में

राज्यसभा के लिए टिकट को लेकर पहले कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे थे। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह जैसे दिग्गज शामिल थे। हालांकि अंत में पार्टी नेतृत्व ने युवा चेहरे पर दांव लगाने का फैसला किया।

9 अप्रैल को खत्म हो रहा मौजूदा कार्यकाल

वर्तमान राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। उससे पहले नए सदस्य का चुनाव होना है। नामांकन की प्रक्रिया आज शुरू हो रही है और इसके बाद जांच की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। यदि जरूरत पड़ी तो मतदान 16 मार्च को कराया जा सकता है।

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