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July 9, 2026

अनुराग ठाकुर ने नारेबाज समर्थकों को टोका, बोले- 'ऐसे कंट्रोवर्सी वाले नारे क्यों लगाते हो यार'...

पहले भी चर्चा में रह चुका है मामला

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Anurag Thakur

हमीरपुर। हमीरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई, जब स्वागत के दौरान कुछ समर्थकों ने जोर-जोर से नारा लगाया, "हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो..."। नारे सुनते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने तुरंत समर्थकों को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "ऐसे कंट्रोवर्सी वाले नारे क्यों लगाते हो? युवा हो तो युवाओं से जुड़े नारे लगाओ। बिना बात के विवाद पैदा करने वाले नारे मत लगाया करो।"

स्वागत के दौरान लगे मुख्यमंत्री पद के नारे

दरअसल, बीते कल यानी बुधवार को हमीरपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे अनुराग ठाकुर का भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान कुछ समर्थकों ने उन्हें भविष्य का मुख्यमंत्री बताते हुए नारे लगाने शुरू कर दिए।

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माहौल राजनीतिक रंग लेने लगा, लेकिन अनुराग ठाकुर ने समर्थकों को शांत रहने की अपील की। अनुराग की इस अपील के बाद समर्थकों ने मुख्यमंत्री पद से जुड़ी नारेबाजी बंद कर दी और कार्यक्रम सामान्य माहौल में आगे बढ़ा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार की नारेबाजी से केवल विवाद पैदा होते हैं और इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।

युवाओं को दिया सकारात्मक संदेश

अनुराग ठाकुर ने साफ कहा कि ऐसे नारे अनावश्यक विवाद को जन्म देते हैं और कार्यकर्ताओं को विकास, रोजगार तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। अनुराग ठाकुर ने उपस्थित युवाओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि नारे लगाने ही हैं तो वे रोजगार, शिक्षा, नवाचार, खेल और हिमाचल के विकास से जुड़े हों।

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उन्होंने कहा कि राजनीति में सकारात्मक सोच और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि किसी भी ऐसे कदम से बचें जिससे पार्टी या संगठन के भीतर अनावश्यक चर्चाएं और विवाद खड़े हों।

पहले भी चर्चा में रह चुका है मामला

यह पहला अवसर नहीं है जब अनुराग ठाकुर के समर्थन में मुख्यमंत्री पद के नारे लगे हों। इससे पहले मंडी जिले में भी इसी तरह की नारेबाजी हुई थी, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिली थी।

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उस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों ओर से कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं और पार्टी नेतृत्व को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई गई थीं। इस बार हालांकि अनुराग ठाकुर ने स्वयं तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसी किसी भी चर्चा को आगे बढ़ने से रोक दिया।

राजनीतिक हलकों में संदेश के कई मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमाचल में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर समय-समय पर चर्चाएं तेज होती रहती हैं। ऐसे माहौल में अनुराग ठाकुर द्वारा सार्वजनिक रूप से समर्थकों को विवादित नारे न लगाने की सलाह देना एक संतुलित राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संगठनात्मक अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व भाजपा की कार्यशैली का हिस्सा है तथा व्यक्तिगत प्रचार के बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।

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