#राजनीति
July 14, 2026
देहरा में सियासी घमासान: होशियार सिंह के आरोप पर 'मिसेज सीएम' का दो टूक जवाब, कहा- ‘वेट एंड वॉच’
देहरा पंचायत समिति के अध्यक्ष.उपाध्यक्ष की कुर्सियों पर सियासी जंग तेज
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देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों को हथियाने के लिए सियासत चरम पर पहुंच गई है। जोड़-तोड़ और शह-मात का ऐसा ही एक बड़ा सियासी दंगल कांगड़ा जिले की हॉट सीट देहरा पंचायत समिति में देखने को मिल रहा है। देहरा विधानसभा उपचुनाव में हाल ही में जीत दर्ज करने वाली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी और स्थानीय कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर ने आज पहली बार खुलकर विरोधियों पर निशाना साधा है।
हाल ही में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पूर्व विधायक होशियार सिंह ने 'मिसेज सीएम' कमलेश ठाकुर और मुख्यमंत्री पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने तथा लोकतंत्र की हत्या करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए विधायक कमलेश ठाकुर ने बेहद बेबाक और आक्रामक अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने होशियार सिंह को सीधे शब्दों में "वेट एंड वॉच" (इंतजार कीजिए) की नसीहत दे डाली है।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक के दौरान कमलेश ठाकुर ने साफ कर दिया कि वह बैकफुट पर खेलने वाली नेता नहीं हैं। होशियार सिंह द्वारा चुनाव प्रभावित करने के आरोपों पर मिसेज सीएम ने मुस्कुराते हुए बेहद तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह जी मुझसे उम्र में बड़े हैं, इसलिए मैं उनकी हर बात का जवाब देकर विवाद नहीं बढ़ाना चाहती।
लेकिन अगर वो दावा करते हैं कि 15 सदस्य भाजपा समर्थित हैं, तो यह सिर्फ उनका दावा है। कल को अगर मैं कह दूं कि 23 के 23 सदस्य कांग्रेस समर्थित हैं, तो क्या वो सच मान लेंगे।देहरा पंचायत समिति में किसकी सरकार बनेगी, इसका फैसला सिर्फ और सिर्फ वक्त और आने वाला चुनाव परिणाम तय करेगा। तब तक के लिए बस 'वेट एंड वॉच' कीजिए।
होशियार सिंह के आरोपों पर जवाब देते हुए कमलेश ठाकुर ने दबंग अंदाज में कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का जनप्रतिनिधि अपनी पार्टी के हितों के लिए काम करता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस की चुनी हुई विधायक हूँ और अपनी पार्टी के हितों की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है। कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मुझे जिस हद तक मेहनत करनी पड़ेगी, मैं करूंगी।
दरअसल, देहरा पंचायत समिति में कुल 23 सदस्य हैं। नियमों के मुताबिक अध्यक्ष पद का फैसला करने के लिए पहली बैठक में कम से कम 16 सदस्यों का कोरम (उपस्थिति) पूरा होना अनिवार्य था। भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत का दावा कर रहे होशियार सिंह का आरोप था कि उनके पास 18 सदस्यों का समर्थन है, लेकिन सरकार ने दबाव बनाकर 3 सदस्यों को बैठक में आने से रोक दिया। यही वजह रही कि 9 जुलाई को बुलाई गई बैठक में केवल 15 सदस्य ही पहुंच पाए और कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव को स्थगित करना पड़ा।
इस सियासी ड्रामे के बाद अब गेंद पूरी तरह से सक्षम प्राधिकारी के पाले में है, जो जल्द ही चुनाव की अगली तारीख तय करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देहरा की यह जंग अब महज एक पंचायत समिति के अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा और भाजपा की साख की लड़ाई बन चुकी है। मिसेज सीएम के इस बेबाक बयान ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में देहरा की राजनीति में एक बड़ा सियासी तूफान आने वाला है।