शिमला। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालने के साथ ही अवैध प्रवासियों को देश से डिपोर्ट करने की मुहिम शुरू कर दी। इसी कड़ी में डोलाल्ड ट्रंप ने 104 भारतीयों को भी वैध दस्तावेज ना होने पर उन्हें भारत डिपोर्ट किया। अमेरिका ने 104 भारतीय नागरिकों को अवैध बताकर उन्हें अपराधियों की तरह हाथ में हथकड़ी और पांव में बेड़ियां डाल कर सेना के विमान से भारत भेजा। जिस पर अब राजनीति गरमाने लगी है। हिमाचल के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी इस पर सवाल उठाए हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने उठाए सवाल
अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हम भी इतिहास जानते हैं। पहले भी अवैध रूप से विदेशों में गए लोगों को वापस भेजा गया है। लेकिन हाथों में हथकड़ी और पांव में बेड़ियां डाल कर भारतीय प्रवासियों को भारत भेजना सही नहीं है। यह मानवाधिकारों के खिलाफ है। जिस पर विक्रमादित्य सिंह ने कई सवाल उठाए हैं।
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मोदी के दोस्त ट्रंप ने ये कैसी दोस्ती निभाई
विक्रमादित्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशान साधते हुए कहा कि पीएम मोदी बार बार कहते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप उनके निजी दोस्त हैं। तो फिर ट्रंप ने अपनी दोस्ती क्यों नहीं निभाई। क्यों भारतीयों को एक कैदी के रूप में हाथ में हथकड़ी और पांव में बेड़ियां डाल कर सेना के विमान से भारत डिपोर्ट किया।
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भारत को भेजना चाहिए था अपना विमान
विक्रमादित्य सिंह ने सवाल उठाया है कि जब अमेरिका ने भारत को अवैध प्रवासियों की लिस्ट सौंपी थी तो भारत ने अपने नागरिकों को लाने के लिए अपना विमान क्यों नहीं भेजा। प्रवासी भारतीयों को अपने विमान में भारत वापस क्यों नहीं लाया गया। डिपोर्ट किए गए लो भारतीय हैं और भारत सरकार को इसके लिए सही रास्ता खोजना चाहिए था।
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भारत सरकार को इस मुद्दे को अमेरिकी प्रशासन के सामने जोरदार तरीके से उठाना चाहिए था। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कोलंबिया ने अपना विमान भेज कर अपने नागरिकों को अमेरिका से वापस लेकर आए। इसी तर्ज पर भारत को भी अपने नागरिकों को लाने के लिए अपना विमान भेजा जाना चाहिए था।
डिपोर्ट करने का तरीका गलत
वहीं विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर देश गलत तरीके से उनके देश में गए लोगों पर कार्रवाई करता है और उन्हें देश से बाहर निकालता है। मुझे इस पर कोई आपत्ति भी नहीं है और मैं इस पर कोई सवाल भी नहीं उठा रहा हूं। लेकिन जिस तरीके से अमेरिका ने प्रवासी भारतीयों को डिपोर्ट किया है, वह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
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अमृतसर पहुंचे थे 104 लोग
बता दें कि अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत के छह राज्यों के लोग बीते रोज श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे। 104 लोगों को अमेरिकी सैन्य विमान सी.17 अमेरिका के शहर सैन एंटोनियो से फ्लाइट संख्या आरसीएम 175 से लेकर यहां आया है। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों में गुजरात के 33, पंजाब के 30, हरियाणा के 33, उत्तर प्रदेश के 02, चंडीगढ़ के 02 और महाराष्ट्र के 03 लोग शामिल हैं। इन सभी लोगों को अमृतसर एयरपोर्ट पर छोड़ा गया।
