शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे और तीखी बहस के साथ आगे बढ़ रहा है। पहले दिन की गरमाहट दूसरे दिन भी बरकरार रही, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जमकर नोकझोंक देखने को मिली। खासकर मल्टी टास्क वर्करों और आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर सदन में माहौल कई बार तनावपूर्ण हो गया।

मल्टी टास्क वर्करों पर सरकार का बड़ा संकेत

 

वीरवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। सवाल.जवाब के दौरान कई बार तीखी बहस हुई और दोनों पक्षों के बीच आरोप.प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत मल्टी टास्क वर्करों के लिए सरकार नई नीति बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है और उसके बाद ठोस निर्णय लिया जाएगा।

 

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विक्रमादित्य सिंह ने विपक्ष को दिखाया आईना

मामले पर जवाब देते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि मल्टी टास्क वर्करों की नीति पूर्व सरकार के समय में लागू की गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय कर्मचारियों को महज 4 हजार रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 5500 रुपये तक पहुंचाया है और हर साल इसमें वृद्धि की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों से लिए जाने वाले कार्यों का निर्धारण विभागीय अधिकारी करते हैं और सरकार इन कर्मचारियों के हितों को लेकर संवेदनशील है।

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आउटसोर्स कर्मचारियों पर छिड़ी बहस

इसी बीच आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है और सरकार इस पर स्पष्ट आंकड़े देने से बच रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि संबंधित जानकारी जल्द ही उपलब्ध करवा दी जाएगी।

सीएम की जयराम ठाकुर को चेतावनी

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनावी वादों के उलट हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं और पैसे लेकर नौकरी देने की बातें सामने आ रही हैं। इन आरोपों पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सदन में पेश किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोप बेबुनियाद साबित होते हैं, तो विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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हंगामे के बीच जारी रहेगा सत्र

कुल मिलाकर, हिमाचल का बजट सत्र अब पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है। दूसरे दिन भी जिस तरह से तीखी बहस और आरोप.प्रत्यारोप का दौर चलाए उससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी सदन का माहौल इसी तरह गर्म बना रह सकता है।

 

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