#राजनीति
April 23, 2026
कौल सिंह का बड़ा बयान: मैं जीत जाता तो सुक्खू नहीं "मैं होता CM", लंबे अनुभव से विकास को देता नई दिशा
कौल बोले आठ बार जीता, पर जब सत्ता की चाबी मिलनी थी, तब जनता ने हरा दिया
शेयर करें:

द्रंग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर के ताजा बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। मंडी जिला के द्रंग क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि यदि वह 2022 का विधानसभा चुनाव जीत गए होते तो आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नहीं, बल्कि वह स्वयं प्रदेश का नेतृत्व कर रहे होते। उनके इस बयान ने न केवल राजनीतिक बहस को हवा दी है, बल्कि कांग्रेस के भीतर चल रही कथित खींचतान को भी उजागर कर दिया है।
कौल सिंह ने द्रंग की जनता के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद किया और यह भी कहा कि जनता ने उन्हें आठ बार विधानसभा तक पहुंचाया, लेकिन जब सबसे ज्यादा जरूरत थी तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा। कौल सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का मन बना लिया था, लेकिन 2022 की हार ने उनके हाथ से सत्ता की चाबी छीन ली। उनके इस भावनात्मक बयान ने उनके भीतर के असंतोष और अधूरे राजनीतिक सफर के दर्द को उजागर कर दिया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: शौचालय में मिले नवजात की मां निकली 15 साल की लड़की, नीचता के बाद हुई थी गर्भवती
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कौल सिंह ठाकुर ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व का भरोसा उनके साथ था और परिस्थितियां अलग होतीं तो प्रदेश की कमान उनके हाथ में होती। उन्होंने यह भी कहा कि अनुभव के आधार पर वह प्रदेश के विकास को नई दिशा दे सकते थे। यह बयान सामने आते ही सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

कौल सिंह ठाकुर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह स्वयं चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन यदि पार्टी नेतृत्व निर्देश देता है तो वह पीछे नहीं हटेंगे। इस बयान से यह संकेत भी मिला है कि वह अभी पूरी तरह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के पक्ष में नहीं हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के सरकारी स्कूल की छात्रा का कमाल- बना दिया ऐसा डिब्बा, जो खुद साफ करेगा चश्मा
कौल सिंह ठाकुर ने इस दौरान दल बदल की चर्चाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वह पार्टी छोड़ने का कोई विचार नहीं रखते। यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाने वाला माना जा रहा हैए जो पिछले कुछ समय से लगातार उठ रही थीं।
यह पहली बार नहीं है जब कौल सिंह ने मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ मोर्चा खोला हो। पिछले सप्ताह भी उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वर्तमान व्यवस्था में मुख्यमंत्री के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अधिकारियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि अधिकारी दो.दो महीने तक तबादलों के आदेशों को दबाए रखते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक प्रिंसिपल के तबादले के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया थाए लेकिन अधिकारी ने उन्हें पास के स्कूल के बजाय दूरदराज के क्षेत्र में भेज दिया। उनके ये बयान स्पष्ट करते हैं कि सरकार और संगठन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
द्रंग में आयोजित यह कार्यक्रम नए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की नियुक्ति के उपलक्ष्य में रखा गया था। इस दौरान कौल सिंह के बयानों ने कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। समारोह में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए रणनीति तैयार की गई।