#राजनीति

April 28, 2026

हिमाचल पंचायत इलेक्शन : चंद घंटों में बजेगा चुनावी बिगुल,  अगले एक महीने के लिए लगेगी आचार संहिता

संभावित उम्मीदवार पहले से ही हो गए हैं सक्रिय

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Himachal Panchayat Election

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों का बिगुल बजने वाला है और आज दोपहर बाद राज्य निर्वाचन आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव तारीखों का ऐलान करेगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद सरकार नई घोषणाएं, भर्तियां, टेंडर, ट्रांसफर या उद्घाटन जैसे फैसले नहीं ले सकेगी। शहरी क्षेत्रों में पहले से लागू आचार संहिता अब ग्रामीण इलाकों में भी प्रभावी हो जाएगी।

51 लाख मतदाता करेंगे मतदान

दरअसल, पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन हो चुका है और करीब 51 लाख मतदाता प्रदेश की 3758 पंचायतों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही गांव-गांव में सियासी हलचल और तेज हो जाएगी।

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कुल 31,214 सीटों पर होगा मुकाबला

इस बार पंचायत चुनाव पहले से अधिक व्यापक होने जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में कुल 31,214 सीटों पर मुकाबला होगा, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है। इनमें पंचायत सदस्य के 21,678 पद, पंचायत प्रधान और उपप्रधान के 3,758-3,758 पद, पंचायत समिति के 1,769 पद और जिला परिषद के 251 पद शामिल हैं। हर स्तर पर उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

संभावित उम्मीदवार पहले से ही सक्रिय

जिला स्तर पर भी चुनावी समीकरण दिलचस्प बने हुए हैं। कांगड़ा में सबसे ज्यादा 6,977 सीटों पर मुकाबला होगा, जबकि लाहौल-स्पीति में सबसे कम 378 सीटें हैं। इसके अलावा मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना जैसे जिलों में भी चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं।

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पंचायत चुनावों को लेकर संभावित उम्मीदवार पहले ही सक्रिय हो गए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार, जनसमर्थन जुटाने और स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। गांव की चौपालों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सिर्फ चुनावी चर्चा ही सुनाई दे रही है।

इस बार सीटों में हुई है बढ़ोतरी

इस बार सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। 2021 के मुकाबले 636 सीटें अधिक हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया है। ऐसे में यह चुनाव न केवल स्थानीय विकास, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और प्रतिष्ठा की लड़ाई भी साबित होने जा रहा है।

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