मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में आज जहां CM सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर जन संकल्प सम्मेलन में शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री ने मंच से केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर जमकर हमला बोला।
हमारे हक को रोकने की कोशिश
डिप्टी CM मुकेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल की आपदा के बाद 1500 करोड़ रुपए का पैकेज देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक पैसा नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि PM की घोषणा पत्थर की लकीर होती है, लेकिन भाजपा नेता दिल्ली जाकर हिमाचल का हक रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
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भाषण देना है आसान काम
भाषण देना आसान है, लेकिन आपदा में लोगों की पीड़ा समझने के लिए जमीन पर उतरना पड़ता है। उन्होंने कांग्रेस सरकार द्वारा आपदा प्रभावित परिवारों को 7 लाख रुपए राहत की घोषणा को संवेदनशील सरकार का फैसला बताया।
अफसरशाही को दी चेतावनी
मुकेश अग्निहोत्री ने अपने भाषण में अफसरशाही को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में रहते हुए भी कुछ अफसर भाजपा नेताओं के घरों में हाजिरी लगा रहे हैं।
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डिप्टी सीएम बोले- सुक्खू जी, ऐसे काम नहीं चलेगा।
वहीं, मुकेश अग्निहोत्री अधिकारियों पर ही नहीं रुके। उन्होंने सीएम सुक्खू को कहा कि ऐसा काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे अधिकारियों से निपटना है तो दोनों हाथों से निपटना होगा। मुकेश अग्निहोत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अब निपटने का समय आ गया है।
ताकत से पकड़ें डंडा
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि हमने अपने वर्करों के काम करने हैं। जो वर्कर सुबह से चलकर इस रैली में पहुंचे हैं, हमें उनके काम निपटाने हैं। उन्होंने सीएम सुक्खू को तीखे शब्दों में कहा कि जब तक आप ताकत से डंडा नहीं पकड़ेंगे तब तक वर्करों के काम नहीं होंगे। अब डंडा ताकत से पकड़ने का समय है, ऐसे काम नहीं चलने वाला। डिप्टी सीएम ने कहा कि अब सिर्फ 2 साल का समय रह चुका है, जिसको जो भी कुर्सी देनी है, वो दे दी जाए। जिसका जो हक है, उसे दे दिया जाए, ताकि वे आगे की तैयारियां कर सकें।
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तीन साल की उपलब्धियां, 2027 का संकेत
सरकारी मंच होने के बावजूद कार्यक्रम में स्पष्ट तौर पर 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी का अहसास दिखा। सरकार ने मंच से बीते तीन वर्षों की योजनाओं, बजट घोषणाओं, सामाजिक सुरक्षा कदमों और आपदा राहत कार्यों का ब्योरा जनता के सामने पेश किया। इसके साथ ही अगले दो वर्षों का रोडमैप भी बताने की तैयारी है, जिसमें युवाओं को रोजगार, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार और पर्यटन विकास जैसे मुद्दे मुख्य रहने वाले हैं।
आपदा प्रभावितों को राहत राशि
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के आपदा प्रभावित परिवारों को मंच पर बुलाकर राहत राशि प्रदान की गई। सरकार का कहना है कि यह राशि “राजनीति नहीं, मानवता के आधार पर” दी जा रही है।
