शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार सभी कर्मचारियों को वेतन और पेंशनर्स को पेंशन दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ऋण कटौती नीति और प्राकृतिक आपदा के समय वित्तीय सहायता न मिलने के बावजूद, राज्य सरकार ने अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की नींव रखी गई है।

विपक्ष को विधानसभा में देंगे जवाब

शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वेतन और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का विस्तृत जवाब विधानसभा में दिया जाएगा।

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उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार आर्थिक प्रबंधन को लेकर गंभीर है और बजट में इसका पूरा खाका प्रस्तुत किया जाएगा।

संगठन बदलाव पर भी दी प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस संगठन में संभावित बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह अभी भी प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष हैं और केवल नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने संगठन को मजबूत करने के लिए विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया है। जल्द ही प्रदेश कांग्रेस की नई टीम गठित की जाएगी।

बजट 2025-26 की तैयारियों में जुटी सरकार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को प्रस्तुत किए जाने वाले बजट में सरकार का भविष्य का रोडमैप सामने आएगा, जिसमें वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश के विकास और आर्थिक योजनाओं का लेखा-जोखा होगा।

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विधानसभा अध्यक्ष से हुई अहम बैठक

विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री सुक्खू विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात करने पहुंचे। लगभग एक घंटे चली इस बैठक में आगामी बजट सत्र और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में केवल प्रदेशहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी और कोई भी सदस्य अनावश्यक विवाद या सनसनीखेज बयानबाजी नहीं कर सकेगा।

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विधानसभा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने बजट की तैयारियों को लेकर योजना विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों को गति देने और वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर चर्चा की।

पेंशन और आर्थिक मुद्दों को लेकर उठ रहे सवाल

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह बयान साफ संकेत देता है कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के विकास और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, विधानसभा सत्र के दौरान वेतन, पेंशन और आर्थिक मुद्दों को लेकर उठ रहे सवालों का विस्तार से जवाब दिया जाएगा। आने वाले दिनों में कांग्रेस संगठन में भी बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे पार्टी को प्रदेश में मजबूत किया जा सके।

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