शिमला। हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा के संकट से जूझ रहा है। मानसून की शुरुआत से ही बादल फटना, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिला में हुआ है, जहां कई घर तबाह हुए और जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। इन्हीं हालातों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राजधानी दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की।
केंद्र से सहयोग की मांग
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। खास तौर पर उन्होंने राज्य की लोन लिमिट बढ़ाने और सकल घरेलू उत्पाद यानी GSDP की सीमा 3% से ऊपर करने की मांग रखी, ताकि राज्य को कर्ज लेने में थोड़ी राहत मिल सके।
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी जानकारी साझा की कि उन्होंने वित्त मंत्री को प्रदेश में आई आपदा के नुकसान की जानकारी दी और केंद्र से आर्थिक सहायता की अपील की। इसके साथ ही, प्रदेश के समग्र विकास को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
गृह मंत्री से भी मुलाकात तय
मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। गृह मंत्री के समक्ष विशेष राहत पैकेज की मांग रख सकते हैं और 2023 की आपदा राहत राशि को शीघ्र जारी करने की बात भी उठा सकते हैं।
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गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने हाल ही में हिमाचल के लिए 2006 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी थी, लेकिन राज्य सरकार को अब भी उस राशि की प्रतीक्षा है। राज्य में अब तक इस मानसून में 105 लोगों की मौत हो चुकी है और निजी-सार्वजनिक संपत्ति को सैकड़ों करोड़ का नुकसान हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ये मुलाकातें प्रदेश को राहत दिलाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही हैं।
